
उमर खालिद पर बनी डॉक्यूमेंट्री की स्क्रीनिंग पर बवाल (फाइल फोटो)
Umar Khalid:बेंगलुरु स्थित नेशनल लॉ स्कूल ऑफ इंडिया यूनिवर्सिटी (NLSIU) कैंपस में उमर खालिद पर बनी डॉक्यूमेंट्री ‘Prisoner No. 626710 is Present’ की स्क्रीनिंग को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने इस स्क्रीनिंग का विरोध करते हुए NLSIU प्रशासन को शिकायत भेजी है। ABVP का आरोप है कि डॉक्यूमेंट्री के जरिए उमर खालिद को महान दिखाने की कोशिश की जा रही है। संगठन ने प्रशासन से स्क्रीनिंग रद्द करने की मांग की है।
ABVP का कहना है कि शैक्षणिक संस्थानों में इस तरह के आयोजनों को जगह देना बिल्कुल भी सही नहीं है। संगठन का आरोप है कि इस डॉक्यूमेंट्री के जरिए उमर खालिद की एक ऐसी छवि बनाने की कोशिश की जा रही है, जिससे उसके पुराने विवादों और संगीन आरोपों पर पर्दा डाला जा सकें। ABVP के अनुसार, विश्वविद्यालयों को शिक्षा, अनुशासन और राष्ट्र निर्माण का केंद्र होना चाहिए, न कि किसी राजनीतिक या विवादास्पद एजेंडे को बढ़ावा देने का मंच होना चाहिए।
विरोध जताते हुए छात्र संगठन ने उमर खालिद से जुड़े पुराने कई चर्चित विवादों को भी सामने रखा। ABVP ने JNU कैंपस की हिंसा, अफजल गुरु से जुड़ी घटनाएं, CAA-NRC के दौरान हुए हिंसक प्रदर्शनों और 2020 के दिल्ली दंगों में सामने आए आरोपों का भी जिक्र किया। संगठन का कहना है कि जिस व्यक्ति पर देश विरोधी गतिविधियों और दंगों की साजिश में शामिल होने के गंभीर आरोप हों, उस पर बनी फिल्म को कानून के एक प्रतिष्ठित संस्थान में दिखाना बहुत ही ज्यादा चिंताजनक बात है।
इस पूरे विवाद पर ABVP बेंगलुरु महानगर के सचिव अभिनंदन मिर्जी ने भी कड़ा ऐतराज जाहिर किया है। संगठन ने NLSIU प्रशासन को ईमेल की मदद से अपनी आधिकारिक शिकायत दर्ज करा दी है। हालांकि, ABVP का कहना है कि प्रशासन की तरफ से अभी तक कोई आधिकारिक जवाब नहीं आया है। संगठन ने मांग की है कि कैंपस का माहौल शांतिपूर्ण और अकादमिक बनाए रखने के लिए इस स्क्रीनिंग को तुरंत रद्द किया जाए। संगठन का कहना है कि ऐसा करने से कैंपस में शांति बनी रहेगी और छात्रों के लिए बेहतर शैक्षणिक माहौल सुनिश्चित किया जा सकेगा।
Updated on:
13 Sept 2026 02:05 pm
Published on:
13 Sept 2026 02:00 pm
