बैंगलोर

353 कॉक्लियर इम्प्लांट सर्जरी कर कर्नाटक ने सभी राज्यों को छोड़ा पीछे

उन्होंने सुझाव दिया कि परिवारों को एनपीपीसीडी जैसी योजनाओं का उपयोग करना चाहिए और अपने बच्चों की सुनने की समस्याओं का समाधान करवाना चाहिए

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Mar 13, 2024
353 कॉक्लियर इम्प्लांट सर्जरी कर कर्नाटक ने सभी राज्यों को छोड़ा पीछे

स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री दिनेश गुंडूराव ने कहा कि 2023-24 में 353 cochlear implant सर्जरी के साथ, Karnataka इस क्षेत्र में देश में पहले स्थान पर है।

मंगलवार को मैसूरु में एआइआइएसएच में कॉकलियर इम्प्लांट योजना का नाम बदलकर 'श्रवण संजीवनी' करने के बाद उन्होंने कहा कि देश के किसी भी अन्य राज्य ने एक साल में इतनी सारी सर्जरी नहीं की हैं। ये सर्जरी 12 सरकारी अस्पतालों और 15 निजी अस्पतालों में की गईं। मंत्री ने कहा, सभी बच्चों को कर्णावत प्रत्यारोपण की आवश्यकता नहीं होती है। गंभीर श्रवण हानि वाले बच्चों और यदि परीक्षणों में प्रत्यारोपण की आवश्यकता की पुष्टि होती है, तो छह साल से कम उम्र के बच्चों की सर्जरी की जाती है। राष्ट्रीय बहरेपन की रोकथाम और नियंत्रण कार्यक्रम (एनपीपीसीडी) उन परिवारों के लिए बड़ा सहारा बनकर आया है जो सर्जरी का खर्च वहन नहीं कर सकते।

शिवमोग्गा के होसनगर की सौम्या भट ने कार्यक्रम में अपना अनुभव साझा करते हुए कहा कि उनकी बेटी कॉक्लियर इम्प्लांट के बाद अब सुनने और बोलने में सक्षम है। उन्होंने सुझाव दिया कि परिवारों को एनपीपीसीडी जैसी योजनाओं का उपयोग करना चाहिए और अपने बच्चों की सुनने की समस्याओं का समाधान करवाना चाहिए।

Published on:
13 Mar 2024 08:30 pm
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