कोई घर से निकलता है तो उसे शाम को सुरक्षित लौटने का विश्वास नहीं होता, यह सब नरेन्द्र मोदी सरकार की मेहरबानी है
बेंगलूरु. छात्र नेता कन्हैया कुमार ने कहा कि देश में कोई तंत्र नहीं है। हर नागरिक खुद को असुरक्षित महसूस कर रहा है। कोई घर से निकलता है तो उसे शाम को सुरक्षित लौटने का विश्वास नहीं होता। यह सब नरेन्द्र मोदी सरकार की मेहरबानी है। कॉलेज, विश्वविद्यालयों में आरएसएस और इसके समर्थक संगठन के सदस्य कब्जा करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि देश का विकास करना है तो शिक्षित युवकों की जरूरत है। जो शिक्षित हैं उन्हें रोजगार नहीं मिल रहा है। लाखों की संख्या में पद रिक्त हैं। नरेन्द्र मोदी केवल झूठ बोलकर कार्यकाल पूरा कर रहे हैं। इसमें कोई संदेह नहीं कुछेक मीडिया संस्थान मोदी के झूठ का साथ दे रहे हैं।
वरिष्ठ साहित्यकार रहमत तरीकेरे ने कहा कि लोकसभा चुनाव आ रहे हैं। इसीलिए प्रधानमंत्री की हत्या की तथाकथित साजिश के नाम पर बुद्धिजीवियों, वरिष्ठ नागरिकों को गिरफ्तार किया गया है। कहा गया कि कई माह से मोदी की हत्या की साजिश के सबूत मिले हैं। अगर कई माह पहले ही इसकी जानकारी थी तो खुफिया तंत्र और जांच एजेंसियां अब तक खामोश क्यों थीं। इसका जवाब केन्द्र सरकार को देना होगा। यह सब नरेन्द्र मोदी सरकार की विफलता और भ्रष्टाचारों पर पर्दा डालने के लिए कई गिरफ्तारियां हुई हैं।
इस अवसर पर अभिनेता प्रकाश राज, स्वतंत्रता सेनानी एच. एस. दौरेस्वामी, कविता लंकेश, दलित नेता मोहनराज, उमर खालिद, केएस भगवान, तीस्ता शीतलवाड़, पूर्व विधायक श्रीराम रेड्डी, बसपा नेता हरिराम, साहित्याकर बी.वी. गोविन्द राव, प्रो. के.एस. भगवान, एस. वेंकटेश और सैंकड़ों विचारकों ने सनातन संस्था पर प्रतिबंध लगाने और इसके पदाधिकारियों को गिरफ्तार करने की मांग वाला ज्ञापन राज्यपाल के नाम सौंपा। शाम में ज्ञान ज्योति सभागार में आयोजित कार्यक्रम में गौरी के अखबार का नए नाम से विमोचन हुआ। साथ ही गौरी के नाम पर पत्रकारिता पुरस्कार का भी वितरण किया गया। इस मौके पर गौरी के हस्ताक्षर और फोटो युक्त स्मृति पेन का भी लोकार्पण किया गया।