कर्नाटक के मण्ड्या जिले के चिक्का मण्ड्या गांव के 19 वर्षीय युवक दर्शन के परिवार ने उनके ब्रेन डेड Brain Dead घोषित होने के बाद अंगदान Organ Donation कर छह मरीजों को नया जीवन दिया। मामूली हादसा समझकर नजरअंदाज कर दिया दर्शन 22 फरवरी को बाइक से गिर गए थे और उन्हें चोटें आई थीं। […]
कर्नाटक के मण्ड्या जिले के चिक्का मण्ड्या गांव के 19 वर्षीय युवक दर्शन के परिवार ने उनके ब्रेन डेड Brain Dead घोषित होने के बाद अंगदान Organ Donation कर छह मरीजों को नया जीवन दिया।
दर्शन 22 फरवरी को बाइक से गिर गए थे और उन्हें चोटें आई थीं। शुरुआत में उन्होंने इसे मामूली हादसा समझकर नजरअंदाज कर दिया और घर जाकर सो गए। लेकिन जब उनकी तबीयत बिगडऩे लगी तो परिजन उन्हें अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सकों ने गंभीर आंतरिक ब्रेन हेमरेज (मस्तिष्क में रक्तस्राव) की पुष्टि की।
इसके बाद उन्हें बेंगलूरु के विक्टोरिया अस्पताल स्थित ट्रॉमा एंड इमरजेंसी केयर सेंटर (टीइसीसी) में भर्ती कराया गया। वहां गहन इलाज और विभिन्न जांचों के बावजूद उनकी हालत में कोई सुधार नहीं हुआ। दो दिन बाद चिकित्सकों के पैनल ने उन्हें ब्रेन डेड घोषित कर दिया।
काउंसलिंग के बाद दर्शन के परिवार ने अंगदान के लिए सहमति दे दी। उनके लिवर, किडनी, हार्ट वाल्व सहित अन्य अंग निकाले गए और जरूरतमंद मरीजों में सफलतापूर्वक प्रत्यारोपित किए गए। टीइसीसी की विशेष अधिकारी डॉ. असीमा बानू और चिकित्सा अधीक्षक डॉ. दीपक ने परिवार के साहसिक और निस्वार्थ निर्णय की सराहना की।