शहर में रथ में विराजमान कर माता भुवनेश्वरी की शोभायात्रा निकली।
मंड्या. विश्वेश्वरय्या मैदान में गुरुवार जिलाधिकारी मंजूश्री ने कन्नड़ ध्वजारोहण कर मां भुवनेश्वरी को पुषाजंलि अर्पित की।
शहर में रथ में विराजमान कर माता भुवनेश्वरी की शोभायात्रा निकली।
पुलिस-प्रशासन द्वारा परेड मार्च निकाला गया। जिला पंचायत सीओ एलकी गौड़ा, तहसीलदार एल नागेश, उपजिलाधिकारी विनय कुमार, जिला वरिष्ठ पुलिस अधिकारी शिवप्रकाश, उपविभाग अधिकारी राजेश, नरसिह्म मूर्ति मौजूद रहे।
बेंगलूरु में कन्नड़ राज्योत्सव के अवसर पर बेंगलूरु के मागडी रोड स्थित वीरेश थियेटर के पास सामाजिक कार्यकर्ता महेन्द्र मुणोत ने कन्नड़ ध्वज फहराया एवं देवी भुवनेश्वरी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की।
बेंगलूरु में अलसूर क्षेत्रवासियों ने अलसूर झील किनारे कन्नड़ राज्योत्सव मनाया।
सामाजिक कार्यकर्ता कुमार जागीरदार के मुख्य आतिथ्य में आयेाजित कार्यक्रम में सौ से ज्यादा लोगों ने मां भुवनेश्वरी की पूजा अर्चना की। बच्चों व युवाओं ने कन्नड़ गीत का संगान किया।
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दोष दृष्टि का करें नाश
बेंगलूरु. बसवनगुड़ी में साध्वी प्रियरंजनाश्री ने प्रवचन में कहा कि दोष दृष्टि के नाश बिना दोषनाश आशक्यप्राय है तो गुण दृष्टि के विकास बिना गुण प्राप्ति भी आशक्यप्राय ही है। उन्होंने कहा कि अपने स्वयं के जीवन को देखें।
दोष फिर भी खटकते हैं परंतु जन्मोजन्म से डेरा डाले हुए दोषदृष्टि खटकते हैं क्या? गुण दृष्टि के विकास के लिए मन तैयार है।
करोड़पति बनने की इच्छा रखने वाला व्यक्ति अपने नजर के सामने झोंपड़पट्टी के भिखारी को नहीं रखता।
जिसको जैसा बनना हो वह उसी क्षेत्र में एकदम आगे बढ़े हुए व्यक्ति को अपनी नजर के सामने रखता है। जैसा बनना हो वैसे बन गए उनको नजर के सामने रखो। गुणवान बनना हो तो गुणवान को अपने सामने रखो।