भाजपा नेताओं पर मामला दर्ज किए जाने पर केंद्रीय राज्य मंत्री ने बोला सीएम सिद्धरामय्या पर हमला
मंड्या जिले के नागमंगला में हिंसा और पथराव की घटना के संबंध में कथित गलत सूचना साझा किए जाने को लेकर मामला दर्ज किए जाने पर केंद्रीय राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे ने राज्य सरकार के खिलाफ निशाना साधा। उन्होंने मुख्यमंत्री सिद्धरामय्या को हिटलर करार दिया और कहा कि, राज्य में अघोषित आपातकाल है। इस मामले
यहां गुरुवार को संवाददाताओं से बात करते हुए उन्होंने कहा कि ना तो वह और ना ही उनकी पार्टी के कार्यकर्ता और नेता ऐसी धमकियों से डरेंगे। वे सरकार की कथित तुष्टीकरण की राजनीति के खिलाफ लड़ते रहेंगे। हिंसा के संबंध में सोशल मीडिया पर कथित रूप से गलत सूचना साझा करने के आरोप में करंदलाजे और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आर.अशोक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।
करंदलाजे ने कहा, राज्य में एक तरह का अघोषित आपातकाल है। सिद्धरामय्या मुख्यमंत्री बनने के बाद हिटलर बन गए हैं। भाजपा सांसदों और विधायकों के खिलाफ लगातार प्राथमिकी दर्ज की जा रही हैं। राज्य के इतिहास में पहली बार विपक्ष के नेता और एक केंद्रीय मंत्री के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। इसके अलावा बेंगलूरु दक्षिण से सांसद तेजस्वी सूर्या के खिलाफ भी प्राथमिकी दर्ज की गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि ईद-ए-मिलाद जुलूस के दौरान मुख्यमंत्री के गृह जिले मैसूर में पाकिस्तान समर्थित नारे लगाए गए। कांग्रेस सरकार के नरम रुख और उसकी तुष्टीकरण की राजनीति के कारण राज्य के बहुसंख्यक समुदाय बलि का बकरा बन रहे हैं।
सरकार पर सवाल उठाना ही अशोक का अपराध !
करंदलाजे ने आरोप लगाया कि भाजपा और हिंदू कार्यकर्ताओं पर मामले दर्ज करके उन्हें धमकाया जा रहा है। हरीश पूंजा, बसनगौड़ा पाटिल यत्नाल, अरविंद बेल्लद और भरत शेट्टी जैसे भाजपा विधायकों के खिलाफ भी एफआइआर दर्ज की गई है। वह सिद्धरामय्या से पूछना चाहती हैं कि, कि कांग्रेस नेता इवान डिसूजा ने राज्यपाल को बांग्लादेश जैसे परिणाम भुगतने की धमकी दी थी। भाजपा कार्यकर्ता रोज पुलिस स्टेशन जा रहे हैं और शिकायत कर रहे हैं लेकिन, मामला क्यों दर्ज नहीं हो रहा है। अभी तक उन पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई है? उनके खिलाफ कोई मामला दर्ज नहीं हुआ। आर. अशोक के खिलाफ एफआइआर दर्ज होने पर उन्होंने कहा कि, सरकार पर सवाल उठाना ही उनका अपराध था जिसके कारण यह कार्रवाई की गई। यह अल्पसंख्यकों को खुश करने के लिए किया गया है। संविधान के अनुसार काम करने वाली सरकार राज्य में नहीं है।