
Banswara Boat Accident : बांसवाड़ा। अरथूना क्षेत्र से गुजरती अनास नदी में मंगलवार दोपहर एक नाव पानी में उलट गई। नाव में नाविक सहित 11 लोग सवार थे। नाविक सहित नौ लोगों ने तैरकर बाहर निकल आए, लेकिन एक बच्चा और उसका मामा लापता हो गया। हादसा हैंगिंग ब्रिज से संगमेश्वर महादेव मंदिर की ओर लौटते समय हुआ। सिविल डिफेंस और स्थानीय गोताखोरों की टीम शाम तक रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया, लेकिन सफलता नहीं मिली। अंधेरा होने से रेस्क्यू बंद करना पड़ा।
एसडीएम श्रवण सिंह राठौड़ ने बताया कि सारनपुर पंचायत के भानो का पारडा निवासी युवाओं का एक समूह भैंसाऊ स्थित संगमेश्वर महादेव मंदिर के दर्शन करने गया था। दोपहर 12 बजे नाव पर बैठकर आनंदपुरी-चिखली स्थित हैंगिंग ब्रिज पर फोटो खिंचवाने गए। दोपहर 3 बजे सभी मंदिर की ओर लौट रहे थे।
नाव में एक तरफ अधिक भार के चलते पानी घुस गया। हड़बड़ाहट में सभी नाव से कूद गए। नाव में सवार 9 लोग तैरकर बाहर आ गए। 22 वर्षीय जयेश पुत्र कचरा निवासी भानो का पारड़ा और उसके भांजे 8 वर्षीय मानव पुत्र नाथू तीरगर निवासी चंदूजी का गडा, मोटागांव को तैरना नहीं आता था। दोनों लापता हो गए।
गत 30 अप्रेल को मध्यप्रदेश के जबलपुर में नर्मदा नदी के बैकवाटर में पर्यटकों से भरी एक क्रूज बोट उलटने से 9 लोगों की मौत हो गई थी। 29 साल पहले वागड़ की माही नदी-कडाणा बांध के बैकवाटर क्षेत्र में 25 दिसंबर, 1997 को नाव उलटने से डूंगरपुर जिले के रामसौर गांव के आठ युवाओं की मौत हो गई थी।