Bacha Chor Beaton Rumors : बांसवाड़ा. कलिंजरा थाना इलाके के शक्करवाड़ा मोड पर एक बार फिर रविवार की शाम तीन बहरूपिया बच्चा चोर की अफवाह का शिकार हो गए। भीड़ ने कार सवार तीनों बहरूपियों को लात-घूंसों से पीटा और पुलिस के हवाले किया, तब पता चला कि वे बच्चा चोर नहीं है।
बांसवाड़ा. कलिंजरा थाना इलाके के शक्करवाड़ा मोड पर एक बार फिर रविवार की शाम तीन बहरूपिया बच्चा चोर की अफवाह का शिकार हो गए। भीड़ ने कार सवार तीनों बहरूपियों को लात-घूंसों से पीटा और पुलिस के हवाले किया, तब पता चला कि वे बच्चा चोर नहीं है। घटनाक्रम से हंगामे एवं शोर-शराबे की स्थिति बन गई। तीनों घायलों को पुलिस की मदद से स्थानीय चिकित्सालय में भर्ती कराया है। पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है। बच्चा चोर की अफवाह के चलते राहगीरों से मारपीट की जिले में यह छठी वारदात है।
शिव-पार्वती बनकर बैठे थे
पुलिस के अनुसार शक्करवाड़ा गांव में रविवार को एक जुलूस निकला रहा था। उसी समय एक कार दाहोद रोड से बांसवाड़ा की ओर आ रही थी, जिसमें बैठे लोग शिव-पार्वती का भेष बनाकर बैठे थे। इसी दरम्यान भीड़ में से किसी ने बच्चा चोर की अफवाह फैला दी तो लोगों ने बहरूपियों को कार से बाहर निकाला और जमकर मारपीट कर दी और पुलिस के हवाले कर दिया।
बाद में जब पुलि ने तीनों से पूछताछ की तो उन्होंने बताया कि वे गुजरात में अम्बाजी के दर्शन कर लौट रहे थे। रूप बदलकर खाना कमाना उनका पेशा है। मूलत: वे मध्य प्रदेश के धार जिले के सादुलपुर गांव के रहने वाले हैं। उन्होंने अपने नाम कालू पुत्र भंवरनाथ, वीरेन्द्रनाथ पुत्र रतन तथा कालू पुत्र हमेरनाथ बताए। पुलिस ने उनकी रिपोर्ट पर प्रकरण दर्ज कर अनुसंधान शुरू कर दिया है।
लगातार सामने आए मामले
बच्चा चोर समझर राहगीरों को पीटने की जिले में यह छठी घटना है। २८ अगस्त को चिडि़यावासा एवं बडग़ांव तथा लोहाािरया थाना के भीमपुर गांव में बच्चा चोर की अफवाह को लेकर नौ जनों के साथ मारपीट हुई थी। २७ अगस्त को पालोदा में बच्चा चोर की अफवाह आई थी। इससे पहले पाटन थाना इलाके के बड़ी सरवा में तीन जनों को बाजार में घूमने पर ग्रामीणों को बच्चा चोर समझकर पकड़ा था।
अपील भी बेअसर
बहरूपियों एवं राहगीरों से पूर्व में आई मारपीट की वारदात के बाद पुलिस ने लोगों को आगाह किया था कि किसी भी तरह की अफवाह में नहीं पडक़र कानून को हाथ में न लें। इसके बाद भी भीड़ समझने का तैयार नहीं हैं। ग्रामीण अफवाहों के आधार पर राहगीरों से मारपीट कर रहे हैं। जबकि सदर थाना पुलिस ने तो करीब सात-आठ जनों को गिरफ्तार भी कर चुकी है। लोहारिया एवं सदर थाने में भीड़ के खिलाफ प्रकरण भी दर्ज हो चुके हैं।