
डूंगरपुर. सागवाड़ा विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत नवचयनित चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों ने विधायक शंकरलाल डेचा से भेंट कर शिक्षा विभाग के जिला आवंटन में हुई अनियमितताओं के खिलाफ ज्ञापन सौंपा और विरोध दर्ज कराया। शिक्षा विभाग राजस्थान, बीकानेर के निदेशक द्वारा जारी जिला आवंटन सूची में महिलाओं को वरीयता नहीं देने का आरोप लगाया। जिसमें बताया की सूची में कई प्रकार की अनियमितताएं हैं। विधायक को दिए ज्ञापन में बताया कि सरकार द्वारा 30 प्रतिशत महिला आरक्षण के बावजूद 90 से अधिक महिला अभ्यर्थियों को गृह जिला नहीं देकर दूरस्थ जिलों में आवंटन किया गया। जबकि सभी पुरुष अभ्यर्थियों को गृह जिला दिया गया। कई कम अंक पाने वाले अभ्यर्थियों को गृह जिला मिला, जबकि अधिक अंक वाली महिलाओं को बाहर भेजा गया। आवंटन प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं बरती गई। संपर्क करने पर भी कोई जिम्मेदारी लेने को तैयार नहीं है। विवाहित और छोटे बच्चों वाली महिलाओं के लिए दूर जिलों में अकेले रहकर नौकरी करना सुरक्षा और पारिवारिक दृष्टि से चुनौतीपूर्ण है। कई महिलाओं के सामने तो नौकरी छोडऩे तक की नौबत आ गई है। पीडि़त अभ्यर्थियों ने विधायक से मांग की कि जिला आवंटन सूची का पुन: परीक्षण करने, महिला अभ्यर्थियों को उनके गृह जिले में पदस्थापित करने, सरकार की महिला हितैषी नीतियों के अनुसार 30 प्रतिशत आरक्षण करने की मांग की है। अभ्यर्थियों ने चेतावनी दी कि यदि विभाग ने जल्द सूची में संशोधन कर न्याय नहीं दिया तो वे न्यायालय का दरवाजा खटखटाने और शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने के लिए बाध्य होंगे। विधायक डेचा ने आश्वस्त किया कि वे इस मुद्दे को शिक्षा मंत्री और विभाग के उच्चाधिकारियों के समक्ष रखकर शीघ्र समाधान करवाने का प्रयास करेंगे। यदि विभाग ने जल्द सूची में संशोधन कर न्याय नहीं दिया तो वे न्यायालय का दरवाजा खटखटाने और शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने के लिए बाध्य होंगे। विधायक डेचा ने आश्वस्त किया कि वे इस मुद्दे को शिक्षा मंत्री और विभाग के उच्चाधिकारियों के समक्ष रखकर शीघ्र समाधान करवाने का प्रयास करेंगे।
Updated on:
27 Jul 2026 06:01 am
Published on:
27 Jul 2026 06:01 am
