बांसवाड़ा

बांसवाड़ा लोकसभा सीट पर होने वाला है दिलचस्प मुकाबला, अचानक प्रत्याशी को लेकर कांग्रेस से आया नया अपडेट

Banswara Lok Sabha Seat : बांसवाड़ा लोकसभा सीट पर चुनाव की बिसात बिछ गई है। इस बार लोकसभा चुनाव में दिलचस्प मुकाबला होगा। भाजपा और बाप ने अपने प्रत्याशी घोषित कर दिए हैं। पर कांग्रेस अभी मंथन कर रही है। अचानक प्रत्याशी को लेकर कांग्रेस में नया अपडेट आ गया है।
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Updated: 17 Mar 2024, 11:37 AM IST
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Banswara Lok Sabha Seat

Banswara Lok Sabha Election : बांसवाड़ा-डूंगरपुर संसदीय क्षेत्र में दमखम दिखाने शक्ति प्रदर्शन भले ही हो रहा, लेकिन अहम सवाल तीसरा कौन पर सब मौन हैं। कांग्रेस ने अब तक पत्ता नहीं खोला है, जबकि पहले भाजपा और फिर बीएपी अपने प्रत्याशियों की घोषणा कर लोकसभा चुनाव मैदान में उतर चुकी है। दरअसल, कांग्रेस में वैसे तो टिकट को लेकर हवाबाजी का सिलसिला बना हुआ है, लेकिन कद्दावर नेता महेंद्रजीत सिंह मालवीया के पार्टी छोड़कर भाजपा से जुड़ने के बाद बिखराव साफ झलक रहा है। फिर भाजपा ने मालवीया को ही जब प्रत्याशी बना दिया तो उनके सामने उम्मीदवार को लेकर कांग्रेस मंथन में जुटी हुई हैं।

दूसरी ओर, आदिवासी बहुल वागड़ में भारत आदिवासी पार्टी ने चौरासी विधायक राजकुमार रोत की दावेदारी घोषित कर चुनाव प्रचार की मुहिम में अंदर ही अंदर दौड़ शुरू कर दी है। इससे इस बार मुकाबला दिलचस्प रहेगा, इसमें संदेह नहीं, लेकिन फिलहाल तीसरा कौन सवाल हर किसी की जुबां पर है।



इससे पहले 7 मार्च को कांग्रेस ने राष्ट्रीय स्तर के नेता राहुल गांधी की भारत जोड़ो न्याय यात्रा के बांसवाड़ा आगमन पर चुनावी रंग दिखाने के लिए भीड़ जुटाई गई। यहां कॉलेज मैदान में हुई आमसभा में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मलिकार्जुन खड़गे, प्रदेशाध्यक्ष गोविंदसिंह डोडासरा, राजस्थान के प्रभारी एसएस रंधावा सहित कई बड़े नेताओं के संबोधित कर एकजुटता बताई। कयास भले ही चल रहे, लेकिन हकीकत में वागड़ में कांग्रेस अब तक एक अदद मजबूत प्रत्याशी नहीं तलाश पाई है। ऐसे में कांग्रेस की चुनौती दिनोंदिन बढ़ती प्रतीत हो रही है।

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इस बीच, 10 मार्च को भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सीपी जोशी की बांसवाड़ा के कुशलबाग मैदान में पार्टी प्रत्याशी मालवीया के समर्थन में पहली जनसभा हुई। सभा में जिला प्रमुख, प्रधानों-सरपंचों सहित कई पुराने कांग्रेसियों ने भाजपा का दामन थामा, तो बड़ी संख्या में भीड़ भी जुटी। फिर आरोप-प्रत्यारोपों के दौर भी शुरू हुए। हालांकि ये चुनावी शगल माने गए, लेकिन इससे अंदरुनी हालत भी सामने आई।



12 मार्च को भारत आदिवासी पार्टी ने अपने आरक्षण के एजेंडे के बूते कॉलेज मैदान में अनुसूचित क्षेत्र का महासम्मेलन आयोजित कर ताकत दिखाई। पार्टी प्रत्याशी मौजूदा चौरासी विधायक रोत के साथ पार्टी के नेताओं ने कांग्रेस और भाजपा दोनों को कोसा। फिर अटकलों को विराम देते हुए पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मोहनलाल रोत का खुलकर बयान आया, जिसमें कांग्रेस से किसी तरह के गठबंधन होने से साफ इनकार किया।



जिलाध्यक्ष कांग्रेस रमेशचंद्र पंड्या ने कहा जिला स्तर से आलाकमान के सामने अपनी बात रख चुके हैं। यह सही है कि प्रत्याशी की घोषणा देरी से होने पर प्रचार अभियान में पिछड़ सकते हैं, लेकिन निर्णय एआईसीसी या पीसीसी को करना है। हम भी इंतजार में हैं।

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Updated on:
17 Mar 2024, 11:37 AM IST
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