
-दीनबंधु वशिष्ठ
Banswara Panchayat Election 2026: नाहरपुरा पंचायत समिति में इस बार कांग्रेस और बीजेपी के दिग्गजों के बीच घमासान नजर आएगा। यहां कांग्रेस से तीन बार जिला प्रमुख रह चुकीं और कैबिनेट मंत्री महेंद्रजीत सिंह मालवीया की पत्नी रेशम मालवीया पंचायत समिति सदस्य का चुनाव लड़ रही हैं। जिला प्रमुख की दावेदारी छोड़कर इस बार वह प्रधान पद की दावेदार हैं। वहीं दूसरी ओर, बीजेपी ने यहां से आनंदपुरी पंचायत समिति की दो बार प्रधान रह चुकीं सुभद्रा गरासिया को मैदान में उतारा है। सुभद्रा के पति खेमराज गरासिया भी वर्तमान में जिला परिषद सदस्य का चुनाव लड़ रहे हैं। खेमराज पूर्व में कांग्रेस में महेंद्रजीत सिंह मालवीया के साथी रहे हैं, लेकिन अब मालवीया का विरोध करते हुए विपक्षी पार्टी में अहम भूमिका निभा रहे हैं। दोनों दिग्गजों के बीच मुकाबले से पंचायत समिति का चुनाव रोचक हो गया है।
नाहरपुरा पंचायत समिति में रेशम मालवीया के पक्ष में उनके पति और कांग्रेस के पूर्व मंत्री महेंद्रजीत सिंह मालवीया जोर-शोर से प्रचार-प्रसार में जुटे हैं। वहीं, बीजेपी की ओर से गढ़ी विधायक कैलाश मीणा सहित पार्टी के अन्य दिग्गज चुनाव प्रचार कर रहे हैं। दोनों ही दलों के नेता घर-घर जाकर मतदाताओं को अपने पक्ष में करने में लगे हैं।
नाहरपुरा पंचायत समिति का भौगोलिक गणित देखें तो यहां कुल 15 वार्ड हैं और करीब 56 हजार मतदाता हैं। पंचायत समिति क्षेत्र में 80 प्रतिशत आबादी अनुसूचित जनजाति (एसटी) और 20 प्रतिशत आबादी सामान्य वर्ग की है।
नाहरपुरा पंचायत समिति सदस्य के चुनाव के लिए बुधवार को कांग्रेस की रेशम मालवीया ने वार्ड 11 से नामांकन-पत्र भरा था। नामांकन के दौरान पूर्व मंत्री महेंद्रजीत सिंह मालवीया सहित कांग्रेस के प्रमुख नेता मौजूद रहे। गुरुवार को भाजपा की सुभद्रा गरासिया ने वार्ड 13 से नामांकन-पत्र दाखिल किया। इस दौरान गढ़ी विधायक कैलाश मीणा, भाजपा जिलाध्यक्ष, संगठन प्रभारी और पार्टी के अन्य नेता मौजूद रहे।
रोहणिया, चांदबाड़ा और नाहरपुरा इन तीनों गांवों में सामान्य वर्ग के मतदाता हैं। भाजपा इन गांवों के मतदाताओं पर अपना दावा कर रही है। वहीं, कांग्रेस भी इस सीट को अपने खाते में मानकर चल रही है। हालांकि, चुनावी आंकड़ों पर नजर डालें तो बागीदौरा विधानसभा क्षेत्र में आने वाली इस सीट पर मतदाताओं का रुझान बदलता रहा है। यहां मतदाता कभी भाजपा तो कभी कांग्रेस के पक्ष में खड़े नजर आए हैं। भारत आदिवासी पार्टी (बीएपी) के रूप में तीसरा मोर्चा भी यहां अपनी मौजूदगी रखता है। ऐसे में मुकाबला आसान नहीं होगा।
आनंदपुरी क्षेत्र मामा बालेश्वर दयाल का गढ़ रहा है, जो जनता दल के नेता थे। उनके निधन के बाद इस क्षेत्र में महेंद्रजीत सिंह मालवीया का प्रभाव बढ़ता गया और यहां कांग्रेस का दबदबा कायम हो गया।
वर्तमान में भाजपा की ओर से दावेदारी कर रहीं सुभद्रा गरासिया पूर्व में आनंदपुरी पंचायत समिति में कांग्रेस की टिकट पर दो बार प्रधान रह चुकी हैं। उनके पति खेमराज गरासिया भी पूर्व मंत्री महेंद्रजीत सिंह मालवीया के करीबी साथी रहे हैं। हालांकि, दोनों की राहें अलग होने के बाद अब वे एक-दूसरे के राजनीतिक विरोधी बन गए हैं।
01: नाहरपुरा के रूप में नई पंचायत समिति बनी है।
15: पंचायत समिति में कुल वार्ड हैं।
56 हजार: क्षेत्र में करीब मतदाता हैं।
80 प्रतिशत: आबादी अनुसूचित जनजाति (एसटी) वर्ग की है।
20 प्रतिशत: आबादी सामान्य वर्ग की है।