बांसवाड़ा

लोडेश्वर बांध की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

Rajasthan

सागवाड़ा. सागवाड़ा शहर और आसपास के 18 गांवों की पेयजलापूर्ति का एकमात्र स्रोत लोडेश्वर बांध है। शहर से करीब 15 किमी दूर स्थित इस बांध पर ही पेयजल शोधन की पूरी व्यवस्था निर्भर है, लेकिन इतने महत्वपूर्ण बांध की सुरक्षा के लिए जलदाय विभाग की ओर से अलग से कोई इंतजाम नहीं किया गया है। हालांकि यह बांध जल संसाधन विभाग का है।
जलदाय विभाग के सहायक अभियन्ता जगदीश पाटीदार ने बताया कि लोडेश्वर बांध पर ही इंटेक वेल और फिल्टर प्लांट स्थापित किया गया है। बांध से पानी इंटेक वेल के जरिए खींचा जाता है। इसके बाद फिल्टर प्लांट में उसे साफ कर पेयजल योग्य बनाया जाता है। शोधित पानी पाइपलाइन के माध्यम से सागवाड़ा शहर और आसपास के 18 गांवों तक पहुंचाया जाता है।

सुरक्षाकर्मी तक नहीं तैनात
बांध की सुरक्षा को लेकर विभाग ने अलग से कोई गार्ड या सुरक्षा कर्मी तैनात नहीं किए हैं। इंटेक वेल और फिल्टर प्लांट की जिम्मेदारी भी विभागीय कर्मचारियों पर ही है। दोनों स्थानों 6 कर्मचारी तैनात हैं। इंटेक वेल पर 3 कर्मचारी और फिल्टर प्लांट पर 3 कर्मचारी है। दोनों जगह दिन में एक-एक कर्मचारी ड्यूटी पर रहता है एवं रात की शिफ्ट में दोनों जगह दो-दो कर्मचारी तैनात रहते हैं। ये कर्मचारी दिन में पंप संचालन, फिल्टरिंग और सप्लाई का काम करने के साथ-साथ रात में सुरक्षा की जिम्मेदारी भी निभाते हैं।

इंटेक वेल और फिल्टर प्लांट के बीच लगभग एक किमी की दूरी है। आपात स्थिति या किसी गड़बड़ी की सूचना के लिए दोनों स्थानों के बीच मोबाइल के जरिए संपर्क रखा जाता है। शहर सहित 18 गांवों की करीब सवा लाख से अधिक आबादी की पेयजल आपूर्ति जिस बांध पर निर्भर है, वहां सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम न होना चिंता पैदा कर रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इंटेक वेल, फिल्टर प्लांट और बांध जैसे महत्वपूर्ण जल स्रोतों पर सीसीटीवी, बाड़बंदी और सुरक्षा गार्ड की व्यवस्था होना आवश्यक है। फिलहाल विभागीय कर्मचारियों के भरोसे ही इस महत्वपूर्ण जल स्रोत की निगरानी हो रही है।

Updated on:
24 Jul 2026 06:01 am
Published on:
24 Jul 2026 06:01 am