
सागवाड़ा. विधायक शंकरलाल डेचा ने कहा कि पेपर लीक के मुद्दे पर कांग्रेस को नैतिकता का पाठ पढ़ाने का कोई अधिकार नहीं है। राजस्थान में कांग्रेस के शासनकाल और अशोक गहलोत सरकार के दौरान अनेक भर्ती परीक्षाओं के पेपर लीक हुए तथा कई भर्ती प्रक्रियाओं में गंभीर अनियमितताओं के आरोप लगे। उन्होंने कहा कि उन मामलों में हमारी सरकार ने कानून के अनुसार जांच कर दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की है और कई लोगों को गिरफ्तार कर न्यायिक प्रक्रिया के दायरे में लाया गया है। डेचा ने कहा कि यह भी उतना ही सत्य है कि किसी भी परीक्षा का पेपर लीक होना लाखों विद्यार्थियों के भविष्य के साथ अन्याय है। चाहे मामला किसी भी सरकार के समय का हो दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई होनी ही चाहिए।
नीट परीक्षा से जुड़े मामले में केंद्र सरकार ने त्वरित कार्रवाई करते हुए जांच एजेंसियों को सक्रिय किया, आवश्यक कानूनी कदम उठाए और दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की। साथ ही परीक्षा प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए विद्यार्थियों के हितों का भी पूरा ध्यान रखा गया।
डेचा ने सवाल किया कि जब केंद्र सरकार इस विषय पर लोकसभा और राज्यसभा में सार्थक चर्चा के लिए तैयार है, तो फिर विपक्ष इससे क्यों बच रहा है। यदि विपक्ष वास्तव में विद्यार्थियों के हितों को लेकर गंभीर है, तो उसे समाधान निकालने के लिए चर्चा में भाग लेना चाहिए। दुर्भाग्य से ऐसा प्रतीत होता है कि कुछ राजनीतिक दल इस गंभीर विषय पर केवल राजनीति करना चाहते हैं, समाधान नहीं।
Updated on:
24 Jul 2026 06:01 am
Published on:
24 Jul 2026 06:01 am
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