बाद में ग्रामीणों व रेंजर की समझाइश के उपरांत ग्रामीण रेस्क्यू को राजी हुए। इस पर टीम ने सांप का रेस्क्यू कर जंगल मे छोड़ा।
वन विभाग की टीम ने समझाबुझा कर सांप को आजाद किया
छबड़ा. क्षेत्र के गांव बमोरा में एक घटना कौतूहल का विषय बन गई। यहां एक मकान मे निकले नाग का रेस्क्यू करने पहुंची वन विभाग की टीम को महिला-पुरुषों के कड़े विरोध का सामना करना पड़ा। ग्रामीणों ने सांप को देवता मानकर पूजा-अर्चना शुरू कर दी थी। रेंजर की समझाइश के उपरांत नाग का सफल रेस्क्यू कर जंगल में छोड़ा गया।
बमोरा गांव में सूचना पाकर मौके पर पहुंची वन विभाग टीम उस समय आश्चर्यचकित रह गई जब चौथमल नागर के मकान के बाहर बडी संख्या में ग्रामीणों की भीड़ जमा थी। अंदर जाकर देखा तो मकान के एक कोने में बैठे हुए नाग के सामने अगरबत्ती लगी हुई थी व दूध रखा हुआ था। इस पर रेंजर भारत राठौड़ ने सांप का रेस्क्यू करने के लिए ग्रामीण को काफी समझाने का प्रयास किया, ङ्क्षकतु नहीं माने। बाद में ग्रामीणों व रेंजर की समझाइश के उपरांत ग्रामीण रेस्क्यू को राजी हुए। इस पर टीम ने सांप का रेस्क्यू कर जंगल मे छोड़ा। कार्यवाही में वनपाल जितेंद्र सहरिया, वनरक्षक बलराम सहरिया, वन्यजीव प्रेमी चन्दू यादव, विक्की सहरिया आदि मौजूद थे।