बारादरी थाना क्षेत्र के दोहरा गांव में खुलेआम चल रहे झोलाछाप क्लीनिक ने एक परिवार की जिंदगी तबाह कर दी। प्रथ्वी फार्मा क्लीनिक में इलाज के नाम पर युवक का ऐसा ऑपरेशन किया गया कि उसकी हालत लगातार बिगड़ती चली गई। गलत नस काटे जाने से युवक अब चलने तक की हालत में नहीं है।
बरेली। बारादरी थाना क्षेत्र के दोहरा गांव में खुलेआम चल रहे झोलाछाप क्लीनिक ने एक परिवार की जिंदगी तबाह कर दी। प्रथ्वी फार्मा क्लीनिक में इलाज के नाम पर युवक का ऐसा ऑपरेशन किया गया कि उसकी हालत लगातार बिगड़ती चली गई। गलत नस काटे जाने से युवक अब चलने तक की हालत में नहीं है।
थाना क्षेत्र के दोहरा गौटिया निवासी शिशुपाल अपने बेटे अजय को पेट दर्द की शिकायत पर प्रथ्वी फार्मा क्लीनिक ले गया। वहां मौजूद जय वीर नामक व्यक्ति ने खुद को डॉक्टर बताते हुए जांच रिपोर्ट देखी और कहा कि पेशाब की जगह में पानी भर गया है। उसने साधारण ऑपरेशन का भरोसा दिलाया और दावा किया कि वह पहले भी ऐसे कई ऑपरेशन कर चुका है।
आरोप है कि जय वीर ने ऑपरेशन के नाम पर 20 हजार रुपये मांगे, जो 6 दिसंबर 2025 को ले लिए गए। उसी दिन क्लीनिक के कमरे में युवक का ऑपरेशन कर दिया गया। इसके बाद 25 दिनों तक टांके बदले गए और रोज पट्टी के नाम पर 500 रुपये वसूले जाते रहे। इस तरह झोलाछाप डॉक्टर ने कुल 32,500 रुपये ऐंठ लिए।
ऑपरेशन के बाद युवक की हालत सुधरने के बजाय और खराब होती चली गई। लगातार खून निकलता रहा, कमजोरी बढ़ती गई और कुछ ही दिनों में वह चलने-फिरने में भी असमर्थ हो गया। परिजनों के हाथ-पांव फूल गए। परिजन युवक को पीजीआई लखनऊ लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने सच्चाई बता दी। डॉक्टरों ने साफ कहा कि ऑपरेशन गलत जगह किया गया है। बीमारी आंत में थी, लेकिन ऑपरेशन किसी और हिस्से का कर दिया गया। हालत देखकर पीजीआई ने भी भर्ती करने से इनकार कर दिया।
जांच-पड़ताल में सामने आया कि जय वीर कोई डॉक्टर ही नहीं है। उसके पास इलाज करने की न तो कोई डिग्री है और न ही कोई पंजीकरण। इसके बावजूद वह सालों से क्लीनिक चला रहा था और लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ कर रहा था। पीड़ित पिता का आरोप है कि जब उसने जय वीर से जवाब मांगा तो उसने गाली-गलौज की और फर्जी मुकदमे में फंसाकर जेल भिजवाने की धमकी दी। पीड़ित की तहरीर पर बारादरी थाने में मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।