बरेली

डीएम आवास पर सौहार्दपूर्ण संवाद, बंधक के आरोप को जिलाधिकारी ने सिरे से किया खारिज

सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री द्वारा डीएम आवास पर कथित रूप से बंधक बनाए जाने के आरोपों को जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने सिरे से खारिज कर दिया है। डीएम अविनाश सिंह ने साफ शब्दों में कहा कि यह आरोप तथ्यहीन और भ्रामक हैं, जिनका ज़मीनी हकीकत से कोई संबंध नहीं है।

less than 1 minute read
Jan 26, 2026

बरेली। सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री द्वारा डीएम आवास पर कथित रूप से बंधक बनाए जाने के आरोपों को जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने सिरे से खारिज कर दिया है। डीएम अविनाश सिंह ने साफ शब्दों में कहा कि यह आरोप तथ्यहीन और भ्रामक हैं, जिनका ज़मीनी हकीकत से कोई संबंध नहीं है।

डीएम ने बताया कि सिटी मजिस्ट्रेट यूजीसी नियमों और हालिया घटनाक्रम को लेकर बातचीत के लिए स्वयं डीएम आवास आए थे। वहां एडीएम, एसएसपी समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। सभी की उपस्थिति में कॉफी टेबल पर सौहार्दपूर्ण और शांत वातावरण में चर्चा हुई। किसी प्रकार का दबाव, रोक-टोक या अनुचित व्यवहार नहीं किया गया।

डीएम अविनाश सिंह ने यह भी स्पष्ट किया कि बातचीत के दौरान किसी तरह के अपशब्दों या अमर्यादित भाषा का प्रयोग नहीं हुआ। सिटी मजिस्ट्रेट के साथ मानवीय और प्रशासनिक मर्यादाओं के अनुरूप संवाद किया गया। “बंधक बनाए जाने” जैसी भाषा का इस्तेमाल दुर्भाग्यपूर्ण है और इससे गलत संदेश जाता है। उन्होंने कहा कि प्रशासन हमेशा संवाद, सहमति और संवैधानिक मर्यादाओं में विश्वास रखता है। किसी अधिकारी के साथ अन्याय या ज़बरदस्ती का सवाल ही नहीं उठता।

मतभेद हो सकते हैं लेकिन गंभीर सनसनीखेज आरोप लगाना गलत

सिटी मजिस्ट्रेट द्वारा लगाए गए आरोप गलत बयानबाज़ी का परिणाम हैं। डीएम का यह भी कहना था कि मतभेद लोकतांत्रिक व्यवस्था का हिस्सा हो सकते हैं, लेकिन संवाद को सनसनीखेज़ आरोपों में बदलना उचित नहीं। जिला प्रशासन ने पूरे घटनाक्रम में संयम, संतुलन और सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाया है और आगे भी यही रास्ता अपनाया जाएगा।

Also Read
View All

अगली खबर