
राजीव राणा और संजय राणा
बरेली। पीलीभीत रोड के चर्चित गोलीकांड में करीब डेढ़ साल बाद बड़ा मोड़ आ गया है। इस मामले में एक बार फिर राजीव राणा समेत 169 लोगों के खिलाफ नई प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। इसमें 19 आरोपियों को नामजद किया गया है, जबकि करीब 150 लोगों को अज्ञात में शामिल किया गया है। राजस्थान के व्यापारी शुभ अजमेरा की शिकायत पर कोर्ट के आदेश के बाद इज्जतनगर थाने में यह मुकदमा दर्ज हुआ है। व्यापारी का आरोप है कि जिस मार्बल शोरूम में फायरिंग, पथराव और तोड़फोड़ हुई, वह उनका था और इस घटना में उन्हें करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ।
मूल रूप से राजस्थान के अजमेर जिले के किशनगढ़ निवासी शुभ अजमेरा ने कोर्ट को बताया कि इज्जतनगर क्षेत्र के तुलाशेरपुर स्थित विष्णुधाम कॉलोनी के सामने वह शंकर महादेव मकराना मार्बल के नाम से पत्थर और मार्बल का शोरूम चलाते थे। उनका कहना है कि दुकान जिस जमीन पर थी, वह आदित्य उपाध्याय की थी और किराए के बदले मुनाफे का 50 प्रतिशत उन्हें दिया जाता था। शुभ के अनुसार 22 जून 2024 की सुबह करीब छह बजे राजीव राणा के भाई संजय राणा, हरीओम राणा, गौरीशंकर, राधे राणा और उनके बेटे आशीष व राजन समेत कई लोग अपने साथियों के साथ वहां पहुंचे।
आरोप है कि आरोपियों के साथ रोहित ठाकुर, अमित ठाकुर, ललित सक्सेना, शिवम माथुर, केपी यादव, समर यादव, सुनील यादव, मुकेश यादव, फुरकान गोरखा, बाबा गैंग, गोला घोसी, अवधेश पटेल, श्यामसिंह यादव समेत करीब 150 अज्ञात लोग भी शामिल थे। सभी लोग डिजायर, क्रेटा जैसी गाड़ियों और जेसीबी मशीन के साथ पहुंचे थे। शुभ का आरोप है कि आरोपियों ने धमकी दी कि आधे घंटे में जमीन को श्मशान बना दो, इसके बाद अचानक अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। साथ ही पथराव किया और गाड़ियों से टक्कर मारकर जान से मारने की कोशिश की। फायरिंग शुरू होते ही वह अपनी जान बचाकर मौके से भाग निकले।
व्यापारी का आरोप है कि फायरिंग के बीच ही आरोपियों ने जेसीबी मशीन और हथौड़ों से शोरूम में तोड़फोड़ शुरू कर दी। इस दौरान शोरूम में रखी करीब 1.65 करोड़ रुपये की टाइल्स और पत्थर बर्बाद कर दिए गए। इसके अलावा गल्ले में रखे करीब 2.5 लाख रुपये नकद, सीसीटीवी डीवीआर, टीवी और लैपटॉप समेत कई कीमती सामान भी उठा ले जाने का आरोप लगाया गया है।
शुभ अजमेरा का कहना है कि मुख्य आरोपी राजीव राणा को पहले भी भूमाफिया घोषित किया जा चुका है और वह अपने भाइयों के साथ जेसीबी के जरिए अवैध कब्जे कराने का काम करता है। उनका कहना है कि शोरूम टूटने से वह पूरी तरह कर्ज में डूब गए हैं, क्योंकि कारोबार के लिए उन्होंने मकान गिरवी रखकर लोन लिया था।
मामले में लंबे समय तक कार्रवाई न होने पर शुभ अजमेरा ने अदालत का दरवाजा खटखटाया। इसके बाद कोर्ट के आदेश पर इज्जतनगर थाने में राजीव राणा समेत 169 लोगों के खिलाफ एक और प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस अब पूरे प्रकरण की जांच कर रही है।
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Published on:
13 Mar 2026 09:00 pm
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