कानून-व्यवस्था को मजबूत करने और अपराध नियंत्रण के लिए बरेली पुलिस ने पूरी कमर कस ली है। एसएसपी अनुराग आर्य ने डीजीपी परिपत्र-37/2025 और जिले में चल रहे अभियानों की कड़ी समीक्षा की और सभी थानों को सख्त चेतावनी जारी की। अब कोई सुस्ती, कोई ढिलाई नहीं बर्दाश्त होगी।
बरेली। कानून-व्यवस्था को मजबूत करने और अपराध नियंत्रण के लिए बरेली पुलिस ने पूरी कमर कस ली है। एसएसपी अनुराग आर्य ने डीजीपी परिपत्र-37/2025 और जिले में चल रहे अभियानों की कड़ी समीक्षा की और सभी थानों को सख्त चेतावनी जारी की। अब कोई सुस्ती, कोई ढिलाई नहीं बर्दाश्त होगी।
समीक्षा बैठक में एसपी, एएसपी, सीओ और थाना प्रभारियों ने हिस्सा लिया। एसएसपी ने स्पष्ट संदेश दिया कि अब सभी अभियान पूरी तन्मयता और समयबद्ध तरीके से पूरे होंगे। अपराधियों पर शिकंजा कसना और कानून-व्यवस्था बनाए रखना बरेली पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
एसएसपी अनुराग आर्य ने कहा कि जाति के नाम पर किसी भी प्रकार की गतिविधि बर्दाश्त नहीं की जाएगी। डीजीपी परिपत्र-37/2025 के तहत किसी भी पुलिस प्रपत्र में जाति का उल्लेख नहीं होगा, जातिगत सम्मेलन प्रतिबंधित, सार्वजनिक वाहन और स्थानों पर जातिगत संकेत निषिद्ध। सोशल मीडिया पर जातिगत द्वेष फैलाने वालों के खिलाफ कड़ी वैधानिक कार्रवाई होगी।
31 अक्टूबर तक लंबित शिकायती प्रार्थना पत्रों का निस्तारण किया गया। अधिकांश थानों ने 100 प्रतिशत निस्तारण किया, लेकिन नवाबगंज क्षेत्राधिकारी केवल 75 प्रतिशत निस्तारण पर पकड़ में आए और उन्हें कड़ी चेतावनी जारी की गई। वहीं 5 नवंबर से 31 दिसंबर तक चल रहे अभियान में कोतवाली, प्रेमनगर, कैंट, किला, सीबीगंज, सुभाषनगर पुलिस की कार्यवाही अपेक्षित स्तर से कम पाई गई। एसएसपी ने निर्देश दिए कि लंबित विवेचनाओं का शीघ्र निस्तारण कर चार्जशीट समय पर न्यायालय में भेजी जाए।
5 नवंबर से 14 दिसंबर तक चल रहे हिस्ट्रीशीटर अभियान में कई थानों की सुस्ती सामने आई। कोतवाली, प्रेमनगर, सुभाषनगर, सीबीगंज, बारादरी, भोजीपुरा, हाफिजगंज, क्योलड़िया को कड़ी चेतावनी दी गई। वहीं उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले सीओ आंवला और सीओ मीरगंज को प्रशस्ति पत्र के लिए चुना गया। वहीं गो-तस्करी के खिलाफ 15 दिवसीय अभियान में अपेक्षित कार्यवाही नहीं होने पर कोतवाली, प्रेमनगर, कैंट, किला, सुभाषनगर, सीबीगंज सहित कई थानों को चेतावनी दी गई। सीओ नगर प्रथम और नगर द्वितीय से स्पष्टीकरण लिया गया।
एसएसपी ने साइबर अपराधों की समीक्षा की और आदेश दिए कि ठगी में फंसे पीड़ितों की धनराशि तुरंत फ्रीज कराई जाए। फतेहगंज पश्चिमी, नवाबगंज और भुता थानों के कर्मचारियों को विशेष साइबर प्रशिक्षण दिया जाएगा। वहीं लंबित जमानती और गैर-जमानती वारंटों का तत्काल निष्पादन किया जाएगा। वारंटियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा और प्रगति की नियमित रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को दी जाएगी।