परिजनों का आरोप है कि पेट दर्द के नाम पर अजय का अंडकोष का ऑपरेशन कर दिया गया। इसके बाद 25 दिनों तक क्लीनिक बुलाकर पट्टी की गई और तीन बार टांके लगाए गए, लेकिन खून बहना नहीं रुका। दर्द बढ़ता गया, शरीर कमजोर होता गया और अजय चलने-फिरने में भी असमर्थ हो गया। हालत गंभीर होने पर परिवार उसे बड़े अस्पताल लेकर पहुंचा, जहां चिकित्सकों ने गलत ऑपरेशन की बात कही। इसके बाद परिवार को मामले की गंभीरता का एहसास हुआ।