होली के त्योहार पर घर पहुंचने की होड़ के बीच बरेली होकर गुजरने वाली नियमित ट्रेनें ठसाठस भरी हुई हैं। पूर्वांचल, बिहार और बंगाल की ओर जाने वाली गाड़ियों में कंफर्म टिकट मिलना लगभग नामुमकिन हो गया है। नो रूम की स्थिति के कारण कई ट्रेनों में बुकिंग तक बंद कर दी गई है।
बरेली। होली के त्योहार पर घर पहुंचने की होड़ के बीच बरेली होकर गुजरने वाली नियमित ट्रेनें ठसाठस भरी हुई हैं। पूर्वांचल, बिहार और बंगाल की ओर जाने वाली गाड़ियों में कंफर्म टिकट मिलना लगभग नामुमकिन हो गया है। नो रूम की स्थिति के कारण कई ट्रेनों में बुकिंग तक बंद कर दी गई है।
रेलवे इस बार पिछले साल की तुलना में अधिक विशेष ट्रेनों का संचालन कर रहा है। इसके बावजूद इन गाड़ियों में अपेक्षाकृत सीटें खाली हैं। किराया ज्यादा होने और विशेष ट्रेनों के अक्सर देरी से चलने की आशंका के चलते यात्री मजबूरी में ही इनका रुख कर रहे हैं। हालांकि नियमित ट्रेनों में टिकट न मिलने पर अब लोग विशेष गाड़ियों में बुकिंग कराने लगे हैं।
नियमित ट्रेनों के मुकाबले विशेष गाड़ियों में किराया अधिक है। इसके साथ ही इन ट्रेनों की लेटलतीफी को लेकर यात्रियों में संशय बना रहता है। यही कारण है कि सीटें उपलब्ध होने के बावजूद कई लोग इंतजार की राह देख रहे हैं। होली से ठीक पहले कुछ विशेष ट्रेनों में भी सीटें फुल हो चुकी हैं।
रेलवे ने मंगलवार को जिन ट्रेनों में सीटें खाली होने की जानकारी दी, उनमें प्रमुख रूप से 05301 मऊ-अंबाला विशेष: 5 मार्च को एसी द्वितीय श्रेणी में 60, एसी तृतीय में 130 सीटें खाली। 05005 बढ़नी-अमृतसर विशेष: 4 मार्च को स्लीपर में 445 और 11 मार्च को 374 सीटें खाली। 05023 गोमतीनगर-खातीपुरा विशेष: 10 मार्च को एसी द्वितीय में 22, एसी तृतीय में 71 व स्लीपर में 419 सीटें खाली। 05060 लालकुआं-कोलकाता विशेष: 5 मार्च को एसी द्वितीय में 55 तथा एसी तृतीय इकोनॉमी में 164 बर्थ उपलब्ध। 04513 गोरखपुर-चंडीगढ़ विशेष: 6 मार्च को एसी द्वितीय में 46 और एसी तृतीय में 22 सीटें खाली। 05045 लालकुआं-राजकोट विशेष: 15 मार्च को स्लीपर में 371 और 22 मार्च को 462 सीटें उपलब्ध।
त्योहार नजदीक आते ही यात्रियों की संख्या और बढ़ने की संभावना है। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त कोच भी लगाए जा सकते हैं। वहीं यात्रियों से अपील की गई है कि वे समय रहते टिकट बुक करा लें और अधिकृत माध्यम से ही यात्रा करें। फिलहाल स्थिति यह है कि नियमित ट्रेनों में सीट मिलना मुश्किल है और विशेष गाड़ियों में सीटें होते हुए भी यात्री सोच-समझकर फैसला कर रहे हैं। होली पर घर पहुंचने की चाह में रेलवे स्टेशन पर भीड़ लगातार बढ़ती जा रही है।