24 अक्टूबर 2026,

शनिवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

पढ़ाई छोड़ भूसा जुटाएंगे शिक्षक: बरेली में वायरल आदेश ने खड़ा किया बड़ा विवाद, शिक्षक संगठनों में भारी नाराजगी

Bareilly, पहले जनगणना, फिर चुनाव ड्यूटी और अब गोशालाओं के लिए भूसा जुटाने की जिम्मेदारी। बरेली जिले के प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षकों पर लगातार बढ़ते गैर-शैक्षणिक कार्यों को लेकर एक बार फिर विवाद खड़ा हो गया है।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

बरेली

•

image

Avanish Pandey

•

Updated: 28 May 2026, 4:09 PM IST

Teachers Oppose Viral Fodder Instructions

भूसा आदेश से भड़के शिक्षक फोटो सोर्स - पत्रिका

Bareilly, पहले जनगणना, फिर चुनाव ड्यूटी और अब गोशालाओं के लिए भूसा जुटाने की जिम्मेदारी। बरेली जिले के प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षकों पर लगातार बढ़ते गैर-शैक्षणिक कार्यों को लेकर एक बार फिर विवाद खड़ा हो गया है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक आदेश ने शिक्षा विभाग और शिक्षक संगठनों के बीच नई बहस छेड़ दी है। वायरल आदेश में शिक्षकों को 46 किलो भूसा जुटाकर ब्लॉक स्तर पर जमा कराने और उसकी रसीद अधिकारियों को उपलब्ध कराने की बात कही गई है।

आदेश सामने आने के बाद शिक्षक संगठनों ने नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि शिक्षकों को पढ़ाई छोड़ लगातार दूसरे कार्यों में लगाया जा रहा है, जिससे शिक्षा व्यवस्था प्रभावित हो रही है। कई शिक्षकों ने सोशल मीडिया पर सवाल उठाया कि क्या अब स्कूलों में पढ़ाने के बजाय भूसा ढोना भी उनकी जिम्मेदारी बन गई है। सोशल मीडिया पर वायरल हुई आदेश की कॉपी में शिक्षकों को भूसा जमा कराने से जुड़ा निर्देश दिखने के बाद जिले भर में चर्चा तेज हो गई। लोगों ने इसे लेकर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दीं। कुछ ने इसे गोशालाओं की मदद के लिए सामूहिक प्रयास बताया तो कई लोगों ने इसे शिक्षकों पर अनावश्यक दबाव करार दिया।

बीएसए बोलीं- गलत तरीके से किया जा रहा प्रचार

मामले में बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. विनीता ने सफाई देते हुए कहा कि जिस तरह से आदेश का प्रचार किया जा रहा है, वास्तविक स्थिति वैसी नहीं है। उनका कहना है कि खंड शिक्षा अधिकारियों को सिर्फ इतना निर्देश दिया गया है कि वे अपने क्षेत्र के संपन्न लोगों को गोशालाओं के लिए भूसा दान करने के लिए प्रेरित करें। उन्होंने बताया कि शिक्षकों को व्यक्तिगत रूप से भूसा खरीदने या जमा कराने के लिए बाध्य नहीं किया गया है। भीषण गर्मी और हरे चारे की कमी को देखते हुए गोशालाओं में चारे की व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए सामूहिक सहयोग का प्रयास किया जा रहा है।

जिले में 1500 क्विंटल भूसा जुटाने का लक्ष्य

जानकारी के मुताबिक हर ब्लॉक में करीब 100 क्विंटल भूसा जुटाने का लक्ष्य तय किया गया है। जिले के कुल ब्लॉकों के हिसाब से लगभग 1500 क्विंटल भूसा गोशालाओं में पहुंचाने की तैयारी है। प्रशासन का मानना है कि गर्मी के मौसम में गोवंश के लिए चारे की समस्या गंभीर हो जाती है, इसलिए सामाजिक सहभागिता के जरिए राहत पहुंचाने की कोशिश की जा रही है। हालांकि शिक्षक संगठनों का कहना है कि आदेश चाहे किसी भी मंशा से जारी हुआ हो, लेकिन इसका दबाव अंततः शिक्षकों पर ही पड़ता है। उनका कहना है कि पहले ही शिक्षकों को जनगणना, सर्वे, चुनाव और अन्य सरकारी कामों में लगाया जा चुका है। ऐसे में अब भूसा संग्रह अभियान जोड़ने से शिक्षकों में असंतोष बढ़ रहा है।

बड़ी खबरें

View All

बरेली

उत्तर प्रदेश

ट्रेंडिंग