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शिक्षकों को भूसा जुटाने का आदेश देने वाले BEO पर गिरी गाज: बरेली BSA ने थमाया नोटिस, जानिए पूरा मामला

बरेली में शक्षकों को गोवंश के लिए भूसा जुटाने का आदेश देने वाले खंड शिक्षा अधिकारी (BEO) के खिलाफ कार्रवाई की गई है। बरेली BSA ने विवादित आदेश देने वाले BEO को नोटिस भेजकर जवाब मांगा है और विभागीय कार्रवाई की है।

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Bareilly education officer attached headquarters after disputed official directive.

बरेली की जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी विनीता (Photo- Patrika)

Bareilly News: बरेली में विद्यालयों से गोवंश के लिए भूसा एकत्र कराने का विवादित आदेश जारी करने वाले नवाबगंज खंड शिक्षा अधिकारी (BEO) सत्यदेव पर आखिरकार कार्रवाई की गाज गिर गई। BEO के आदेश की कॉपी सोशल मीडिया पर वायरल होने और शिक्षक संगठनों के तीखे विरोध के बाद बरेली जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) विनीता ने कार्रवाई की है। BSA ने विवादित आदेश जारी करने वाले BEO को तत्काल प्रभाव से जिला मुख्यालय से अटैच कर दिया है। इसके साथ ही उनसे स्पष्टीकरण भी तलब किया गया है। खास बात यह है कि सत्यदेव की सेवानिवृत्ति में महज दो माह का समय शेष हैं।

भूसा कलेक्शन के आदेश ने मचा दिया था बवाल

पूरा विवाद उस समय शुरू हुआ जब नवाबगंज ब्लॉक के विद्यालयों को जारी एक पत्र सामने आया, जिसमें प्रत्येक स्कूल से निराश्रित गोवंश के लिए 46 किलो भूसा जमा कराने का लक्ष्य तय किया गया था। आदेश में यह भी कहा गया था कि लक्ष्य पूरा न करने वालों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की संस्तुति की जाएगी। आदेश वायरल होते ही शिक्षकों और शिक्षक संगठनों में नाराजगी फैल गई।

शिक्षकों के विरोध के बाद विभाग बैकफुट पर

मामले ने तूल पकड़ा तो बेसिक शिक्षा विभाग को सफाई देनी पड़ी। शिक्षक संगठनों ने सवाल उठाया कि शिक्षकों का दायित्व शिक्षा देना है, भूसा जुटाना नहीं। विरोध बढ़ने के बाद विभाग ने विवादित आदेश वापस ले लिया और अब जिम्मेदारी तय करते हुए बीईओ पर कार्रवाई कर दी गई।

BSA ने सभी अधिकारियों को दिया स्पष्ट संदेश

जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी विनीता ने बताया कि नवाबगंज के खंड शिक्षा अधिकारी सत्यदेव को जिला मुख्यालय से अटैच कर दिया गया है। उनके द्वारा जारी पत्र के संबंध में स्पष्टीकरण मांगा गया है। बीएसए ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि भविष्य में किसी भी प्रकार का पत्राचार संयमित, मर्यादित और विभागीय दिशा-निर्देशों के अनुरूप किया जाए।

कार्रवाई के बाद भी नहीं थमे सवाल

हालांकि बीईओ पर कार्रवाई के बाद विवाद फिलहाल शांत होता दिख रहा है, लेकिन शिक्षक संगठनों का कहना है कि यह मामला केवल एक अधिकारी की गलती तक सीमित नहीं है। उनका मानना है कि भविष्य में शिक्षकों को गैर-शैक्षणिक कार्यों में लगाने संबंधी ऐसे आदेशों पर रोक लगाने के लिए स्पष्ट और लिखित दिशा-निर्देश जारी किए जाने चाहिए।

रिटायरमेंट से पहले बड़ा प्रशासनिक संदेश

शिक्षा विभाग की इस कार्रवाई को एक सख्त प्रशासनिक संदेश के तौर पर देखा जा रहा है। विभाग ने साफ कर दिया है कि शिक्षकों पर गैर-शैक्षणिक जिम्मेदारियां थोपने या अनुचित भाषा में आदेश जारी करने की अनुमति किसी भी स्तर पर नहीं दी जाएगी। बीईओ सत्यदेव पर हुई कार्रवाई अब पूरे जिले के शिक्षा अधिकारियों के लिए नजीर बन गई है।

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