बरेली

टैक्सी ड्राइवर को झपकी आने पर संकेतक बोर्ड से टकराई कार, जिंदा जल गई पत्नी और ढाई माह का बेटा, जानें पूरा मामला…

नाल रूट बाइपास पर चालक को झपकी आने पर एक कार सड़क के संकेतक बोर्ड के पोल से टकरा गई। हादसा इतना जबरदस्त था कि कार में तुरंत आग लग गई।

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Apr 27, 2024
मृतक मां-बेटा (फाइल फोटो)।

बरेली। कैनाल रूट बाइपास पर चालक को झपकी आने पर एक कार सड़क के संकेतक बोर्ड के पोल से टकरा गई। हादसा इतना जबरदस्त था कि कार में तुरंत आग लग गई। कार में सवार बरेली के भमोरा में रफियाबाद निवासी टैक्सी ड्राइवर आशीष कुमार यादव की पत्नी मीना और ढाई माह के बेटे बाबू जिंदा जल गए। कार से दोनों के कंकाल ही बाहर निकल सके। हालांकि मौके पर पहुंचे लोगों ने किसी तरह आशीष को कार से बाहर खींच लिया था जो मामूली रूप से ही झुलसा था।

दर्शन के लिए कार से मथुरा जा रहा था परिवार
आशीष ने बताया कि वह देर रात कार से पत्नी और बेटे के साथ मथुरा में दर्शन के लिए जा रहा था। वह खुद ही कार चला रहा था, जबकि पत्नी मीना, बेटे के साथ कार में पीछे वाली सीट पर बैठी थी। देर रात करीब तीन बजे कासगंज के ढोलना थाना क्षेत्र के कैनाल रूट बाइपास पर भगवंतपुर के पास उन्हें तेज झपकी आ गई। उनकी कार अचानक अनियंत्रित हो गई। इसी बीच कार संकेतक बोर्ड के पोल से जा टकराई।

पत्नी और बेटे को बाहर निकालने में झुलस गए हाथ-पैर
हादसे के तुरंत बाद ही मौके पर ट्रक चालक पहुंच गए। उन्होंने आशीष जैसे ही कार से बाहर निकाला तब कार में आग लग गई। इस पर आशीष ने कार में फंसे घायल पत्नी-बेटे को बाहर निकालने की कोशिश की। इस कोशिश में उसके हाथ-पैर भी झुलस गए लेकिन कामयाबी नहीं मिल सकी। इसके बाद आग की वजह से कार का टायर तेज धमाके की वजह से फट गया, फिर कार पूरी तरह जल गई।

बहनोई की थी कार
रफियाबाद गांव के विनोद यादव ने बताया कि आशीष उनका तहेरा भाई था। आशीष ने करीब दो साल पहले बहन की शादी में यही कार दहेज में दी थी। उसने परिवार के साथ बांके बिहारी के दर्शन के लिए बहन से कार मांग ली थी।

Published on:
27 Apr 2024 11:31 am
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