युवा बरेली सेवा क्लब के सदस्यों ने लोगों को तिरंगा भेंट कर एकता की शपथ दिलाई।
बरेली। विवादित ढांचा गिराए जाने के 25 वर्ष पूरे हो गए हैं और इस दिन हिन्दू संगठन शौर्य दिवस तो मुस्लिम इसे काला दिवस के रूप में मनाते चले आ रहे हैं। बुधवार को विभिन्न संगठनों ने कलेक्ट्रेट पर ज्ञापन दिया और अपनी अपनी मांगें रखीं। हिन्दू संगठनों ने राम मंदिर बनाने की मांग की तो मुस्लिमों ने ढांचा गिराने के आरोपियों पर कार्रवाई की मांग की।इन सबके बीच युवा बरेली सेवा क्लब ने छह दिसम्बर को एकता दिवस के रूप में मनाया।
दरगाह आला हजरत के संगठन ने की कार्रवाई की मांग
दरगाह प्रमुख सुब्हान रज़ा खां सुब्हानी मियां की सरपरस्ती और सज्जादा नशीन मौलाना मोहम्मद अहसन रज़ा खां कादरी की अध्यक्षता में चलने वाले दरगाह के मज़हबी संगठन तहरीके तहफ़्फुज़े सुन्नियत (टीटीएस) ने जिलाधिकारी बरेली के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति महोदय को संबोधित एक छह सूत्रीय ज्ञापन भेजा। दरगाह प्रवक्ता मुफ्ती सलीम नूरी ने बताया कि टीटीएस ने अपने ज्ञापन द्वारा छह दिसम्बर 1992 में बाबरी मस्जिद शहीद करने वाले लोगों को कानूनी सज़ा देने की मांग की और छह दिसम्बर को बरेली के मुसलमानों के साथ मिलकर काला दिवस के रूप में मनाया।
हिन्दू सेना ने की मन्दिर बनाने की मांग
भारतीय हिन्दू सेना ने शौर्य दिवस मनाते हुए कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन कर ज्ञापन सौंपा। भारतीय हिन्दू सेना ने अयोध्या में राम मंदिर बनवाने की मांग की साथ ही अयोध्या को राष्ट्रीय स्थल घोषित करने की मांग की।हिन्दू सेना ने मांग की है कि अयोध्या को स्मार्ट सिटी का दर्जा देकर उसका विकास किया जाए और अयोध्या में सनातन विश्विद्यालय की स्थापना की जाए।
इन्होंने मनाया एकता दिवस
युवा बरेली सेवा क्लब के सदस्यों ने लोगों को तिरंगा भेंट कर एकता की शपथ दिलाई। अध्यक्ष गुलफाम अंसारी ने कहा कि कुछ लोग हिन्दू-मुस्लिम में दहशत पैदा करना चाहते हैं। इस लिए शौर्य और काला दिवस मानते हैं। इससे हमारी भाईचारे की तहजीब में बिखराव हो जायेगा। उन्होंने कहा कि हम ऐसा नहीं होने देंगे। यह तिरंगा हमारी एकता की शान है इसलिए हम हिन्दू-मुस्लिम इस तिरंगे के साथ एकता की शपथ लेते हैं।