लापरवाही : हर वर्ष खेतों में जहर बनकर पहुंच रहा रासायनिक पानी, फसलों में नुकसान को लेकर ग्रामीणों की चिंताएं बढ़ी
हर वर्ष की तरह इस बार भी जोधपुर की इकाइयों से निस्तारित रासायनिक पानी डोली क्षेत्र के खेतों में खड़ी फसलों पर तबाही के रुप में पहुंचा। बुधवार को डोली राजगुरां गांव के खेतों में रासायनिक पानी पहुंचा। ऐसे में खड़ी फसलों में नुकसान को लेकर किसानों की चिंताएं बढ़ गई है।
जोधपुर इकाइयों से निस्तारित रासायनिक पानी हर वर्ष बरसात के दौरान डोली क्षेत्र में पहुंचता है। हर बार बड़ी मात्रा में पहुंचने वाले रासायनिक पानी से खेत लबालब हो जाते हैं। इससे खड़ी फसल जलकर नष्ट हो जाती है। विगत कई वर्षों से यह स्थिति होने से किसान बर्बादी के कगार पर पहुंच गए हैं। वहीं जमीन भी बंजर हो रही है।
बुधवार को पानी की आवक ज्यादा होने से बाड़मेर जिला सीमा पर बने पुलिया के नीचे से चार फीट बहाव से डोली राजगुरां के खेतों में तबाही मचानी शुरू कर दी है। अच्छी बरसात से डेढ़ माह से लहलहाती फसल को चपेट में लेने किसानों को नुकसान झेलना पड़ेगा।
प्रदूषित पानी के बहाव की जानकारी पर उप तहसीलदार सुरेन्द्र कुमार ने मौका मुआयना किया। पटवारी बंशीलाल व ग्रामसेवक रामलाल विश्नोई को स्थिति पर नजर बनाए रखकर अवगत करवाने के निर्देश दिए।
जोजरी के बहाव से पहुंच रहा पानी
प्रदूषित पानी की समस्या से परेशान होक अराबा सरपंच नरपतसिंह राजपुरोहित ने नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) में याचिका दायर करवाई। इस पर जोधपुर प्रशासन ने कई इकाइयों को बंद भी करवाया गया।
इससे तीन-चार माह से पानी की आवक लगभग बंद हो गई थी, लेकिन गत पखवाड़े में अच्छी बरसात होने से जोजरी नदी में बहाव होने लगा। इस पर इकाई संचालकों ने भी रासायनिक पानी को जोजरी में बहाने से यह स्थिति पैदा हो गई है।
पिछले एक सप्ताह से जोधपुर जिला के धवा, मेलबा, राजेश्वर नगर, पडिय़ारों की ढ़ाणी के खेतों में पानी का फैलाव हो रहा था। इससे कई ढ़ाणियां एवं सरकारी विद्यालय भी जलमग्न है।