- नगर परिषद का दावा : जल्द बनेगा लेआउट प्लान, एक माह में शुरू करेंगे भूखण्ड आवंटन की प्रक्रिया शुरू
बाड़मेर.
शहर के गडरा सर्कल के पास नगर परिषद ने वर्षो पहले करोड़ों रुपए खर्च कर दो कॉलोनियों को विकसित किया, लेकिन आवंटन प्रक्रिया से पहले यह प्रोजेक्ट कागजी साबित हो गए। अब हालात यह हो गए है कि 175 बीघा जमीन भूमाफियों की नजर में है। हालांकि नगर परिषद सभापति का दावा है कि जल्द लेआउट प्लान बनाकर एक माह में भूखण्ड आवंटन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
नगर परिषद ने वर्ष 2011 में गडरा सर्कल के पास स्थित अरिहंत नगर के पीछे महाराणा प्रताप व सिद्धार्थ नगर नाम की दो कॉलोनियां प्रस्तावित कर आवंटन प्रक्रिया शुरू की थी। यहां नगर परिषद ने करीब 80 लाख रुपए का टेण्डर जारी कर सड़कों का निर्माण करवाया। साथ ही कॉलोनियों को विकसित करने के लिए वर्ष-2013 में आवंटन प्रक्रिया शुरू की गई। उसके बाद अधिकारियों की अनदेखी के चलते यह प्रोजेक्ट महज कागजी रह गए। फिलहाल दोनों कॉलोनियां कचरा पाइंट बन गई हैं। वहीं एक कॉलोनी में अवैध कब्जे हो रहे हैं। इसी तरह गेहूं रोड़ पर अतिक्रमण हटाकर एक कॉलोनी विकसित करने की प्रक्रिया शुरू की गई थी, लेकिन वह प्रक्रिया भी कागजों से बाहर नहीं आई है।
नगर परिषद की अनदेखी
नगर परिषद ने कई बार कॉलोनियों को विकसित करने के लिए प्रस्ताव बनाकर प्रक्रिया शुरू की गई, लेकिन यह प्रोजेक्ट कागजों से बाहर नहीं आया। इसमें नगर परिषद के अधिकारियों की अनदेखी सामने आई।
- एक माह में करेंगे विकसित
गडरा सर्किल के पास दो कॉलोनियों विकसित कर रहे है। वहां कचरा ज्यादा है, उसको हटाने के लिए टेण्डर जल्द करेंगे। ले आउट प्लान तैयार करने के लिए टीम को बाहर से बुलाई है। एक माह में भूखण्ड आवंटन की प्रक्रिया शुरू होगी। - दिलीप माली, सभापति, नगर परिषद, बाड़मेर