बाड़मेर

धोरों में उगे आलू से बनेंगे कुरकुरे फ्रेंच-फ्राइज

बाड़मेर जिले के तारातरा मठ गांव के किसान विक्रमसिंह ने बहुराष्ट्रीय कम्पनी से आलू की खेती का अनुबंध किया है। विश्व के 160 देशों में आलू के फ्रेंचफ्राइज का कारोबार करने वाली कम्पनी खेत से ही पूरी फसल खरीद लेगी।
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Updated: 24 Nov 2022, 2:11 PM IST
धोरों में उगे आलू से बनेंगे कुरकुरे फ्रेंच-फ्राइज
धोरों में उगे आलू से बनेंगे कुरकुरे फ्रेंच-फ्राइज

पच्चीस एकड़ खेत में हो रही बुवाई
किसान खेत में 25 एकड़ में आलू की बुवाई कर रहे हैं। फ सल उत्पादन के पश्चात गुणवत्ता की जांच होगी। गुणवत्ता के आधार पर वर्गीकरण किया जाएगा। इसके बाद आलू की पैकिंग होगी।

आलू से उगेंगे आलू
कम्पनी ने बीज रूपी तीन संवर्ग के 32,500 क्विंटल आलू किसान के फ ार्म पर बुवाई के लिए भिजवा दिए हैं। बीज रूपी इन आलू से वेजिटेटिव प्रपोगेशन यानी कायिक प्रजनन विधि से आलू की बुवाई होगी। एक सप्ताह बाद 100 दिन में दस गुना आलू होने की उम्मीद है।

एक साल पहले किया अध्ययन
बाड़मेर जिले में आलू की व्यावसायिक खेती का यह प्रथम प्रयोग है। कंपनी के विशेषज्ञों ने एक वर्ष पहले किसान के खेत का दौरा कर मिट्टी, पानी आदि आवश्यक तत्वों का अध्ययन किया। इसके बाद आलू की संविदा खेती का अनुबंध किया।

महिलाओं को मिल रहा गांव में ही रोजगार
आलू की बुवाई के लिए गांव की करीब 50 महिलाओं को प्रशिक्षित किया गया है। बीज रूपी आलू आने के बाद महिलाएं बुवाई के लिए आलू को तैयार करने में जुटी हुई हैं।

धर्मसिंह भाटी— बाडमेर

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