
राजस्थान के बाड़मेर जिले के बायतु विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस विधायक और पूर्व मंत्री हरीश चौधरी ने राज्य की वर्तमान भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए एक वीडियो जारी किया है। इस वीडियो की खास बात यह है कि इसमें विधायक खुद एक 'ग्राउंड रिपोर्टर' की भूमिका में उप-जिला अस्पताल बायतु की जमीनी स्थिति की रिपोर्टिंग करते नजर आ रहे हैं। बायतु में स्थानीय जनता और मरीजों के बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए ₹11 करोड़ की भारी-भरकम लागत से एक आधुनिक और विशाल उप-जिला अस्पताल का ढांचा पूरी तरह बनकर तैयार हो चुका है, लेकिन इसके बावजूद प्रशासनिक ढिलाई और राजनीतिक खींचतान के कारण अस्पताल की नई इमारत पर ताले लटके हुए हैं। विधायक हरीश चौधरी ने जनता की इस बुनियादी समस्या को राजस्थान के स्वास्थ्य तंत्र की बदहाली का बड़ा उदाहरण बताया है।
बायतु में बने इस उप-जिला अस्पताल का निरीक्षण करते हुए हरीश चौधरी ने वीडियो में दिखाया कि किस तरह सरकार और प्रशासन की अनदेखी का खामियाजा क्षेत्र की निर्दोष जनता को भुगतना पड़ रहा है। बायतु और आसपास के ग्रामीण इलाकों की सुविधाओं के लिए ₹11 करोड़ की लागत से उप-जिला अस्पताल की आधुनिक और भव्य इमारत का निर्माण पूरा किया जा चुका है। अस्पताल की इमारत पूरी तरह तैयार होने और उसमें जरूरी संसाधन उपलब्ध होने के बावजूद इस पर ताले लगा दिए गए हैं, जिससे करोड़ों की सरकारी संपत्ति धूल खा रही है।
ग्राउंड जीरो से रिपोर्टिंग करते हुए पूर्व मंत्री हरीश चौधरी ने प्रदेश सरकार और स्वास्थ्य विभाग की ढुलमुल कार्यशैली पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा कि केवल राजनीतिक द्वेष और श्रेय लेने की होड़ के कारण इस अस्पताल को शुरू नहीं किया जा रहा है, जो बाड़मेर की जनता के प्रति सरकार के क्रूर और असंवेदनशील व्यवहार को दर्शाता है।
विधायक ने बताया कि बायतु क्षेत्र के गरीबों, किसानों और आम नागरिकों को छोटे-मोटे इलाज या आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं के लिए भी 50 से 150 किलोमीटर दूर बाड़मेर जिला अस्पताल या जोधपुर के अस्पतालों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। इससे मरीजों का समय और पैसा दोनों बर्बाद हो रहे हैं।
वीडियो में हरीश चौधरी ने प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के कागजी दावों की भी जमकर पोल खोली। चौधरी ने कहा कि सरकार के मंत्री और स्वास्थ्य विभाग के अफसर केवल बैठकों और कागजों में विकास के दावे कर रहे हैं, जबकि धरातल पर स्थितियां बिल्कुल अलग हैं।
उन्होंने तुरंत प्रभाव से अस्पताल में पर्याप्त डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ और मेडिकल सुविधाएं बहाल कर इसे आम जनता के लिए खोलने की मांग की।
हरीश चौधरी के इस 'रिपोर्टिंग अंदाज' वाला वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद बाड़मेर जिले और राजस्थान के राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। हरीश चौधरी ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि सरकार और स्थानीय प्रशासन ने बिना किसी देरी के इस ₹11 करोड़ के उप-जिला अस्पताल को सुचारू रूप से चालू नहीं किया, तो वे क्षेत्र की जनता को साथ लेकर एक बड़ा जनआंदोलन खड़ा करेंगे।
वीडियो वायरल होने के बाद स्थानीय ग्रामीणों और सामाजिक संगठनों ने भी बंद अस्पताल को जल्द चालू करने की मांग को लेकर अपना विरोध दर्ज कराना शुरू कर दिया है।