Oran Bachao Padayatra: गुरुवार रात इस यात्रा में बाड़मेर के शिव से निर्दलीय विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने शामिल होकर आंदोलन को नई ऊर्जा दी।
MLA Ravindra Singh Bhati: राजस्थान की तपती रेतीली धरती पर इन दिनों एक अनोखा जन-आंदोलन आकार ले रहा है। जैसलमेर के तनोट माता मंदिर से शुरू हुई 'ओरण बचाओ पदयात्रा' अब मारवाड़ के हृदय क्षेत्र जोधपुर तक पहुँच चुकी है। गुरुवार रात इस यात्रा में बाड़मेर के शिव से निर्दलीय विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने शामिल होकर आंदोलन को नई ऊर्जा दी। भाटी न केवल पदयात्रियों के साथ चले, बल्कि उन्होंने पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी अटूट निष्ठा दिखाते हुए एक मिसाल भी पेश की।
जोधपुर के बालेसर में यात्रा के दौरान एक भावुक कर देने वाला दृश्य सामने आया। विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने पर्यावरण प्रेमी और आंदोलन के प्रणेता सुमेर सिंह को अपने कंधों पर बैठाकर करीब 1 किलोमीटर तक पैदल यात्रा की। यह सांकेतिक संदेश था कि युवाओं को अपने बुजुर्गों और उनकी विरासत (ओरण) के सम्मान को अपने कंधों पर उठाना होगा। भाटी ने पूरी रात बालेसर के चामुंडा माता मंदिर में पदयात्रियों के साथ जमीन पर सोकर गुजारी।
पदयात्रियों को संबोधित करते हुए भाटी ने बेबाकी से अपनी बात रखी। उन्होंने कहा, "मैं न बीजेपी का हूँ, न कांग्रेस का। मुझे किसी ने कुछ दिया नहीं है, जो कुछ है जनता का दिया है। सच बोलने के लिए सत्ता की आँखों में आँखें डालकर बात करनी पड़ती है।" उन्होंने आगे कहा कि 32 दिनों तक घर-बार छोड़कर ओरण, गोचर और आगौर बचाने के लिए सड़कों पर बैठना कोई मामूली बात नहीं है। यह संघर्ष जमीन के टुकड़े के लिए नहीं, बल्कि हमारी लुप्त होती संस्कृति और पर्यावरण को बचाने के लिए है।
राजस्थान के ग्रामीण जीवन में 'ओरण' का अर्थ केवल खाली जमीन नहीं, बल्कि एक पारंपरिक संरक्षित वनक्षेत्र होता है। यहाँ सदियों से: