बाड़मेर

Coconut Shell Bird House: फेंके गए नारियल का खोल, एक डोरी और एक कील! बन गया पक्षी का घर, कचरे से जबरदस्त जुगाड़

Coconut Shell Bird House: सबसे बड़ी बात ये है कि इस साधारण से जुगाड़ को कोई भी बना सकता है। इसे बनाने में दो से तीन मिनट का ही समय लगता है और इसे आसानी से बालकनी में टांगा जा सकता है। ये देखने में भी सुंदर लगता है।

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Apr 15, 2026
Coconut Shell Bird House Pic

क्या आपने सोचा है जो नारियल का पानी पीने के बाद फेंका गया नारियल किस काम आ सकता है…? अब फेंके गए नारियल खोल से राजस्थान का एक शख्स पक्षियों को अपना घर देने की मुहिम में जुड़ गया है। पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने के लिए पहचाने जाने वाले Green Man एक बार फिर अपने अनोखे प्रयास से चर्चा में हैं। इस बार उन्होंने फेंके गए नारियल के खोल को पक्षियों के लिए घोंसलों में बदलने की पहल शुरू की है। आमतौर पर बेकार समझे जाने वाले नारियल के खोल अब पक्षियों के लिए सुरक्षित आशियाना बनेंगे। इसके लिए वे जगह-जगह से नारियल पानी के खोल इकट्ठा कर रहे हैं और उन्हें तैयार करने में जुटे हैं। सबसे बड़ी बात ये है कि इस साधारण से जुगाड़ को कोई भी बना सकता है। इसे बनाने में दो से तीन मिनट का ही समय लगता है और इसे आसानी से बालकनी में टांगा जा सकता है। ये देखने में भी सुंदर लगता है।

डेढ़ लाख से ज्यादा पौधे लगा चुके, साइकिल से इतनी यात्रा कर चुके कि बना दिया विश्व रिकॉर्ड

बाड़मेर के रहने वाले नरपत सिर्फ राजपुरोहित पर्यावरण के क्षेत्र में काफी एक्टिव हैं। वे एक ही देश में एक व्यक्ति श्रेणी में साइकिल चलाने वाले इकलौते व्यक्ति हैं। उनके नाम तीस हजार किलोमीटर से भी ज्यादा साइकिल चलाने का गिनीज विश्व रिकॉर्ड है। उन्होनें 27 जनवरी 2019 को जम्मू हवाई अड्डे से साइकिल यात्रा शुरू की थी और उसके बाद 20 अप्रेल 2022 को जयपुर में इसे समाप्त किया था। उनका मकसद पर्यावरण बचाने का संदेश देना था। गिनिज बुक के अलावा गोल्डन बुक एवं इंडिया और एशिया बुक रिकॉर्ड में भी उनके नाम रिकॉर्ड हैं।

पक्षियों के घोसलें के अलावा जंगलों में जानवरों के लिए पानी का इंतजाम

सिर्फ पौधारोपण ही नहीं, बल्कि वन्यजीवों के लिए भी उनका प्रयास सराहनीय है। नरपत सिंह और उनकी टीम जंगल क्षेत्रों में हिरण सहित अन्य जानवरों के लिए पानी की व्यवस्था कर रहे हैं। हर दिन करीब 20 स्थानों पर टैंकर से पानी पहुंचाया जा रहा है, जबकि 50 से अधिक स्थानों पर स्थायी जलस्रोत तैयार किए गए हैं। यह पहल गर्मी के मौसम में वन्यजीवों के लिए राहत बन रही है।

स्कूल के दिनों से मिला पर्यावरण प्रेम का संस्कार

नरपत सिंह बताते हैं कि पर्यावरण के प्रति उनका प्रेम बचपन से ही शुरू हुआ। स्कूल में पेड़ के नीचे लगने वाली कक्षा और पौधे लगाने पर मिलने वाली चॉकलेट ने उन्हें इस दिशा में प्रेरित किया। आज वही छोटा सा संस्कार एक बड़े मिशन में बदल चुका है। गिनीज बुक में नाम दर्ज करा चुके ग्रीनमैन का लक्ष्य अब सिर्फ एक है,हर व्यक्ति को प्रकृति से जोड़ना।

Published on:
15 Apr 2026 12:23 pm
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