डिस्काम की बिना अनुमति कार्य करने से 200 गांवों की बिजली गुल का मामला
बाड़मेर. मुख्यालय पर सिणधरी सर्कल से चौहटन चौराहे के बीच डिस्काम की अंडर ग्राउंड विद्युत केबल तोडऩे पर एनएचएआई की फर्म मैसर्स जीआर इन्फ्रा लिमिटेड के खिलाफ कोतवाली पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज कराया गया है। इस मामले में एनएचएआई की भी जबावदेही तय की जाएगी।
डिस्काम के अधीक्षण अभियंता एम.एल.जाट ने बताया कि 18 सितंबर को सिणधरी चौराहे के पास से गुजर रही 33 केवी फीडर रामसर एवं 33 केवी चौहटन की अंडरग्राउंड केबल को राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधीन पाइप लाइन शिफ्टिंग कार्य के दौरान मैसर्स जी.आर.इन्फ्रा लिमिटेड ने फाल्ट कर दिया।
इस कारण इन फीडरों से जुड़े 9 सब स्टेशनों की विद्युतापूर्ति बंद हो गई। उन्होंने बताया कि विद्युत सब स्टेशनों से जुड़े करीब 200 गांवों की विद्युत आपूर्ति ठप होने से उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ा। इससे डिस्कॉम को भी आर्थिक नुकसान हुआ।
बिना सूचना तोड़ी लाइन, परेशान हुए ग्रामीण
फर्म व एनएचआई को विद्युत लाइन तोडऩे के लिए डिस्कॉम से अनापत्ति प्रमाण पत्र लेकर कार्य करना था। लेकिन एनएचएआइ व फर्म ने बिना सूचना कार्य कर दिया। इससे ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ा। मामले की जानकारी पर डिस्कॉम ने एनएचएआई अधिकारियों से वार्ता करने पर उन्होंने यह कार्य मैसर्स जी.आर.इन्फ्रा लिमिटेड की ओर से किए जाने एवं संबंधित ठेकेदार से बातचीत कर क्षतिग्रस्त केबल को दुरुस्त करने का आश्वासन दिया गया।
बावजूद इसके संबंधित फर्म ने केबल को दुरुस्त नहीं किया और अब इस कार्य को करने से मना कर दिया। इस संबंध में डिस्काम के कनिष्ठ अभियंता ललित बाकोलिया की रिपोर्ट पर कोतवाली पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
इधर, अधीक्षण अभियंता ने बताया कि अगर बिना अनुमति के कोई कार्य करते हुए विद्युत केबल को नुकसान पहुंचाया जाता है तो नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी। ऐसे ही एक मामले में कुछ समय पूर्व एक दूरसंचार कंपनी के खिलाफ भी मामला दर्ज कराया गया था।