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Rajasthan News : रेगिस्तान में खड़ा हो रहा राजस्थान का ‘दुबई’! बनेंगे मॉल-मल्टीप्लेक्स-लग्जरी रिसॉर्ट्स, जानें आखिर क्या है ये नई कवायद?

अब रेगिस्तान में 'आधुनिक शहर' बसने जा रहा है, जिसके लिए रीको ने स्कूल, मॉल और मल्टीप्लेक्स जैसी सुविधाओं हेतु भूमि आवंटन की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

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AI PIC

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राजस्थान के बालोतरा जिले का पचपदरा क्षेत्र जल्द ही अपनी पुरानी पहचान छोड़कर एक ग्लोबल सिटी के रूप में दुनिया के सामने होगा। राजस्थान राज्य औद्योगिक विकास एवं निवेश निगम (RIICO) ने पचपदरा रिफाइनरी के आसपास एक ऐसा आधुनिक शहरी और औद्योगिक ढांचा तैयार करने की कवायद शुरू की है, जिसकी कल्पना कुछ साल पहले तक नामुमकिन थी। अब यहां सिर्फ चिमनियों से धुआं नहीं निकलेगा, बल्कि बड़े-बड़े शॉपिंग मॉल, स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स और मल्टीप्लेक्स भी नजर आएंगे।

औद्योगिक हब के साथ 'स्मार्ट सिटी' की तैयारी

रीको की इस महत्वाकांक्षी योजना का मुख्य उद्देश्य रिफाइनरी के आसपास केवल उद्योग ही नहीं, बल्कि एक पूर्ण विकसित जीवनशैली प्रदान करना है। इसके लिए रीको ने भूमि आवंटन के मापदंडों में बड़े बदलाव किए हैं। अब रिफाइनरी के पास उद्योगों के साथ-साथ निम्नलिखित सुविधाओं के लिए जमीन मिलेगी:

शिक्षा और स्वास्थ्य: स्कूल, कॉलेज और वर्ल्ड क्लास हॉस्पिटल के लिए विशेष भूखंड।

मनोरंजन और आवास: मल्टीप्लेक्स, मॉल, ग्रुप हाउसिंग और स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स।

पर्यटन और आतिथ्य: लग्जरी रिसॉर्ट, होटल और मोटल की श्रृंखला।

बोरावास-कलावा: विकास का 'प्रथम चरण' हुआ तैयार

रीको इकाई प्रभारी कुलदीप दाधीच के अनुसार, बालोतरा-बाड़मेर नेशनल हाईवे-25 पर स्थित बोरावास-कलावा क्षेत्र में पहले चरण का कार्य तेजी पर है:

29.77 हेक्टेयर का विस्तार: प्रथम चरण में करीब 30 हेक्टेयर भूमि पर औद्योगिक क्षेत्र विकसित किया गया है।

भूखंडों का गणित: यहां 86 औद्योगिक भूखंड और 8 'प्लग एंड प्ले' मॉडल फैक्ट्री शेड्स बनाए गए हैं।

करोड़ों का निवेश: अब तक 27 इकाइयों को 38 भूखंड आवंटित किए जा चुके हैं, जिनसे करीब 89.13 करोड़ रुपये का निवेश और सैकड़ों लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलने की उम्मीद है।

दूसरे चरण का 'मेगा प्लान': 213 हेक्टेयर पर बिछेगा सड़कों का जाल

रीको ने दूसरे चरण के लिए भी अपनी कमर कस ली है, जो पहले चरण से कई गुना बड़ा होने वाला है:

विशाल भूमि: द्वितीय चरण में 213.70 हेक्टेयर भूमि पर 257 भूखंडों की योजना है।

बड़े निवेश की संभावना: यहां 500 वर्ग मीटर से लेकर 1.62 लाख वर्ग मीटर तक के बड़े भूखंड उपलब्ध होंगे।

बुनियादी ढांचा: 87.64 हेक्टेयर भूमि पर सड़क, बिजली और स्ट्रीट लाइट जैसे विकास कार्यों के लिए निविदाएं (टेंडर) जारी की जा चुकी हैं।

इन गांवों की बदलेगी तस्वीर

राज्य सरकार ने रिफाइनरी के आसपास के कई गांवों की भूमि रीको को सौंप दी है, जिससे स्थानीय ग्रामीणों के लिए विकास के द्वार खुल गए हैं। इनमें प्रमुख गांव हैं-

रामनगर (थोब), सिंधियों की ढाणी, वेदरलाई, बोरावास, खेमाबाबा नगर, रातानाडा, मालियों की ढाणी, बाम नेवाई और जेरला।

इन क्षेत्रों में शैक्षणिक संस्थान, आवासीय योजनाएं और व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स विकसित किए जाएंगे, जिससे यहां की जमीनों के दाम भी आसमान छूने वाले हैं।

2-3 सालों में बदल जाएगी पचपदरा की तस्वीर

पचपदरा रिफाइनरी और उसके आसपास विकसित हो रहा यह शहरी ढांचा बालोतरा जिले के लिए 'मील का पत्थर' साबित होने वाला है। जिस गति से रीको निविदाएं आमंत्रित कर रहा है, उससे साफ है कि आने वाले 2-3 सालों में पचपदरा की तस्वीर पूरी तरह बदल जाएगी।