धर्मेंद्र राठौड़ का कहना है कि जब राजस्थान का युवा राज्य सरकार की नौकरियों के लिए आवेदन करता है, तो उसे आसानी से आरक्षण मिल जाता है। लेकिन जैसे ही वह एसएससी (SSC), यूपीएससी (UPSC) या रेलवे जैसी केंद्रीय भर्तियों में जाता है, केंद्र की 'संपत्ति संबंधी शर्तों' के कारण वह अपात्र हो जाता है। यह विसंगति राजस्थान के युवाओं के साथ अन्याय है।