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बीकानेर मंडल का चूरू-सादुलपुर रेलमार्ग का दोहरीकरण पूर्ण

करीब 58 किलोमीटर किमी मार्ग को दोहरीकरण करने से अधिक ट्रेनों का संचालन किया जा सकेगा। इससे यात्रियों को रेल सुविधा मिलगी और समय की बचत हो सकेगी।

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निरीक्षण के दौरान उपस्थित रेलवे के अधिकारी व कर्मचारी।  

निरीक्षण के दौरान उपस्थित रेलवे के अधिकारी व कर्मचारी।  

उतर पश्चिम रेलवे के बीकानेर मंडल में दूधवाखारा- सादुलपुर रेलखंड के दोहरीकरण कार्य पूरा होने के साथ ही अब चूरू-सादुलपुर रेलमार्ग पूरी तरह दोहरीकृत हो गया है। करीब 58 किलोमीटर किमी मार्ग को दोहरीकरण करने से अधिक ट्रेनों का संचालन किया जा सकेगा। इससे यात्रियों को रेल सुविधा मिलगी और समय की बचत हो सकेगी। दोहरीकरण होने से अब ट्रेनों को भी क्रॉस देने के लिए आउटर पर खड़ा नहीं करना पड़ेगा। उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी अमित सुदर्शन ने बताया कि महाप्रबंधक अमिताभ के निर्देशानुसार दूधवाखारा-सादुलपुर रेलमार्ग के दोहरीकरण का कार्य पूरा कर लिया गया है। रेल संरक्षा आयुक्त की ओर से इस रेलखंड़ को रेल संचालन के लिए अनुमोदित किया गया है। इस दोहरीकरण कार्य के साथ ऑटोमेटिक सिग्नलिंग और विद्युतीकरण कार्य भी सफलतापूर्वक पूर्ण किए गए हैं। इसके साथ ही 58 किलोमीटर लंबे चूरू-सादुलपुर खंड का संपूर्ण दोहरीकरण कार्य, ऑटोमेटिक ब्लॉक सिग्नलिंग और विद्युतीकरण कार्य 2 वर्ष 3 महीने में पूरा कर लिया गया है। इस मार्ग के दोहरीकरण से लाइन कैपेसिटी और मोबिलिटी में वृद्धि होगी एवं परिचालन और अधिक सुगम होगा।

130 किमी प्रति घंटे की गति क्षमता के अनुसार तैयार

इस दोहरीकरण परियोजना के तहत पांच स्टेशनों पर हाई लेवल प्लेटफॉर्म तथा 3 सब-वे का भी निर्माण किया गया है। इस रेलमार्ग पर ट्रैक को 130 किमी प्रति घंटे की गति क्षमता के अनुसार तैयार किया गया है। चूरू-सादुलपुर रेलमार्ग के दोहरीकरण का कार्य 2023-24 में 469 करोड़ रुपए की लागत के साथ स्वीकृत किया गया था जिसे रिकार्ड समय में पूरा किया गया है। रतनगढ़ से चूरू होकर सादुलपुर तक रेलमार्ग के दोहरीकृत होने के बाद यह रेलमार्ग, राजस्थान, हरियाणा व अन्य उत्तर राज्यों के साथ तीव्र रेल संचालन वाला महत्वपूर्ण रेल मार्ग बन जाएगा।

दोहरीकरण से मिलेगा ये फायदा

-चूरू, रतनगढ़ क्षेत्र का सीकर, बीकानेर, रेवाडी, हिसार व अन्य राज्यों के शहरों साथ तीव्र व सुगम संपर्क का विस्तार होगा।

-क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा और रोजगार के नये अवसर उत्पन्न होंगे।

-प्रतिदिन आवागमन करने वालों के लिए तीव्र व सुगम रेल सुविधा उपलब्ध होगी।

-बीकानेर संभाग में होने वाले जिप्सम, लाइम स्टोन तथा फूड ग्रेन और फर्टिलाइजर के लदान के लिए सुगम रेल परिवहन उपलब्ध होगा।

-सालासर बालाजी, खाटूश्यामजी आने वाले श्रद्धालुओं की आसान यात्रा के लिए रेल नेटवर्क का विस्तार मिलेगा।