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Election Result 2026 : ‘ममता का गढ़’ जीतने में कैलाश चौधरी की ‘गुप्त रणनीति’, जानें कैसे पलट दिया बंगाल का भूगोल?

पूर्व केंद्रीय मंत्री कैलाश चौधरी के रणनीतिक नेतृत्व में आवंटित 28 सीटों में से 27 पर भाजपा ने जीत दर्ज कर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है।

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BJP Win, Kailash Choudhary

BJP Win, Kailash Choudhary

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों ने पूरे देश को चौंका दिया है। लेकिन इस जीत की सबसे दिलचस्प कहानी राजस्थान के सरहदी जिले बाड़मेर से जुड़ी है। जब बंगाल में 'दीदी' और 'दादा' के बीच कांटे की टक्कर चल रही थी, तब बाड़मेर-बालोतरा के रणनीतिकार चुपचाप 'मिशन 2026' को सफल बनाने में जुटे थे। आज जब नतीजे सामने आए हैं, तो बाड़मेर का नाम बंगाल की जीत के साथ स्वर्णिम अक्षरों में लिखा जा रहा है।

कैलाश चौधरी का 'अभेद्य' चक्रव्यूह: 28 में से 27 सीटों पर कब्जा

पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता कैलाश चौधरी इस जीत के सबसे बड़े शिल्पकार बनकर उभरे हैं। संगठन ने उन्हें पश्चिम बंगाल की 28 महत्वपूर्ण सीटों की जिम्मेदारी सौंपी थी।

  • 10 महीने का 'वनवास': कैलाश चौधरी करीब 10 महीने तक लगातार बंगाल में डटे रहे। उनकी प्रतिबद्धता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि उन्होंने अपने क्षेत्र बाड़मेर में रिफाइनरी के बड़े उद्घाटन कार्यक्रम में भी आने से परहेज किया, ताकि बंगाल की रणनीति में कोई कमी न रह जाए।
  • 96% का स्ट्राइक रेट: उनकी रणनीति का असर यह रहा कि जिन 28 सीटों का जिम्मा उन्हें मिला था, उनमें से 27 सीटों पर भाजपा ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की है।

बाड़मेर की 'स्पेशल टीम' और वॉर रूम का कमाल

जीत के इस सफर में कैलाश चौधरी अकेले नहीं थे, उनके साथ बाड़मेर की एक पूरी पलटन तैनात थी।

वॉर रूम से सीधी नज़र: बाड़मेर के राकेश शर्मा ने करीब एक साल तक बंगाल में रहकर वॉर रूम संभाला। उन्होंने जमीनी स्तर की रिपोर्ट तैयार की और उन मुद्दों को धार दी, जिन्होंने ममता बनर्जी की घेराबंदी की।

सीमांत क्षेत्रों में प्रचार: बाड़मेर के रणवीर भादू ने बंगाल के सीमावर्ती इलाकों में पखवाड़े भर से अधिक समय बिताया और स्थानीय लोगों से सीधा संपर्क साधा। वहीं, पार्षद बांकाराम चौधरी ने भी बंगाल की गलियों में भाजपा की विचारधारा को पहुँचाया।

भय हारा, भरोसा जीता : कैलाश चौधरी

    प्रशासनिक स्तर पर भी बाड़मेर का जलवा

    यह केवल राजनीतिक ही नहीं, बल्कि प्रशासनिक सहयोग का भी अद्भुत संयोग रहा। बाड़मेर की नवनियुक्त जिला कलेक्टर चिन्मयी गोपाल भी बंगाल चुनावों के दौरान वहाँ चुनाव ऑब्जर्वर नियुक्त की गई थीं। उन्होंने अपनी जिम्मेदारी सफलतापूर्वक निभाने के बाद 4 मई 2026 को ही बाड़मेर में ज्वाइनिंग दी है।

    बंगाल विधानसभा चुनाव 2026: अंतिम परिणाम

    पश्चिम बंगाल की 294 सीटों पर हुए इस चुनाव में भाजपा-एनडीए ने ऐतिहासिक बहुमत प्राप्त किया है।

    • भाजपा-एनडीए: 150+ सीटें (बहुमत का आंकड़ा पार)
    • TMC: 120-130 सीटें
    • अन्य: 10-15 सीटें
    • भवानीपुर जैसी हॉट सीट पर शुभेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी को 15,000 से अधिक वोटों से हराया है, जो इस जीत की सबसे बड़ी सुर्खी बनी।

    क्या 'बाड़मेर टीम' को मिलेगा बड़ा इनाम?

    बंगाल की जीत ने राजस्थान के भाजपा कार्यकर्ताओं में जबरदस्त उत्साह भर दिया है। कैलाश चौधरी और उनकी टीम ने जिस तरह 27 सीटें जीतकर दी हैं, उसके बाद चर्चा तेज है कि क्या दिल्ली और जयपुर में उनके कद को और अधिक ऊंचा किया जाएगा?