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बस्तर में अंधविश्वास बना जानलेवा, जादू-टोना के शक में दो भाइयों ने ग्रामीण की बेरहमी से की हत्या

Bastar Murder News: छत्तीसगढ़ के बस्तर में जादू-टोना के शक में दो भाइयों ने एक ग्रामीण की हत्या कर दी। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि इलाके में दहशत का माहौल है।

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May 02, 2026
बस्तर में अंधविश्वास बना जानलेवा, जादू-टोना के शक में दो भाइयों ने ग्रामीण की बेरहमी से की हत्या(Photo-patrika)

Bastar Murder News: छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले में अंधविश्वास के चलते एक सनसनीखेज हत्या का मामला सामने आया है। दरभा थाना क्षेत्र के पखनार गांव में दो सगे भाइयों ने जादू-टोना के शक में एक ग्रामीण की बेरहमी से हत्या कर दी। घटना के बाद इलाके में दहशत और आक्रोश का माहौल है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

Bastar Murder News: जादू-टोना के शक ने ली जान

मृतक की पहचान मंगलू मंडावी के रूप में हुई है, जो पखनार गांव का निवासी था। जानकारी के अनुसार गांव के ही रहने वाले दो भाई आयतू और सुखराम मड़कामी को शक था कि मंगलू जादू-टोना करता है। इसी अंधविश्वास के चलते दोनों ने उसकी हत्या की साजिश रची।

आम के पेड़ के नीचे हुआ खूनी वारदात

घटना गुरुवार 30 अप्रैल की बताई जा रही है। मंगलू अपने घर के पास आम के पेड़ के नीचे बैठा हुआ था, तभी दोनों आरोपी शराब के नशे में वहां पहुंचे। पहले दोनों ने उससे विवाद किया और देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि उन्होंने चाकू से हमला कर दिया। गंभीर चोट लगने से मंगलू की मौके पर ही मौत हो गई। वारदात को अंजाम देने के बाद दोनों आरोपी मौके से फरार हो गए। घटना की जानकारी मिलते ही गांव में हड़कंप मच गया और लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी।

पुलिस ने घेराबंदी कर किया गिरफ्तार

सूचना मिलते ही दरभा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। इसके साथ ही पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए घेराबंदी कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों को कोर्ट में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।

अब BNS के तहत दर्ज होता है केस

हत्या जैसे गंभीर अपराध के मामलों में अब भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103 के तहत केस दर्ज किया जाता है। इस धारा के अंतर्गत दोषी पाए जाने पर आरोपी को मृत्युदंड या आजीवन कारावास की सजा हो सकती है। इस घटना ने एक बार फिर समाज में फैले अंधविश्वास और जागरूकता की कमी को उजागर किया है। विशेषज्ञों का मानना है कि शिक्षा और जागरूकता के जरिए ही ऐसे मामलों को रोका जा सकता है।

Published on:
02 May 2026 01:57 pm
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