
बेमेतरा. नेशनल हाइवे पर बेमेतरा-सिमगा के बीच ग्राम कठिया में बस पलटने से 15 यात्री घायल हो गए। इनमें से गंभीर रूप से घायल 3 लोगों को रायपुर रेफर किया गया है। यात्रियों ने बताया कि चालक नशे में था। उसकी लापरवाही से बस का संतुलन बिगड़ गया और वह पलट गई। प्रत्यक्षदर्शियों ने हमें कांच तोड़कर बाहर निकाला। घटना के बाद से चालक और परिचालक मौके से फरार हो गए। पुलिस के मुताबिक निजी ट्रेवल्स की बस रायपुर से 67 से अधिक यात्रियों को लेकर बेमेतरा के लिए निकली थी। हादसा होने के बाद सभी यात्री अंदर ही फंसे रह गए और देखते-देखते चीख-पुकार मच गई। लोगों ने बस का कांच तोड़ कर यात्रियों को बाहर निकालना शुरू किया। तब उनकी जान बच सकी।
मोड़ के पास हुआ हादसा
ग्राम कठिया मोड़ के पास चालक की लापरवाही से अनियंत्रित होकर बीच सड़क पर ही बस पलट गई। बस में बैठे महेन्द्र पटेल, प्रदीप साहू ने बताया कि बस चालक जल्दबाजी के चक्कर में तेजी से वाहन चला रहा था। बस 90 की स्पीड में थी। ग्राम कठिया के पास पहुंचने पर टर्निंग में बस सीजी 04 ई 1070 का चालक हड़बड़ा गया इससे वाहन अनियंत्रित होकर सड़क किनारे टर्निंग प्लांइट में सुरक्षा के लिए लगाई गई बैरियर से टकराते हुए पलट गई। रायपुर से बेमेतरा कवर्धा जाने वाले यात्री बस में सवार थे। जिसमें कन्हैया कौशिक, तरुण बंजारे 28 वर्ष जामुनिया, विदय बंजारे 31 वर्ष ग्राम जामुनिया, अनिता साहू बिरकोना, बुधिया बाई नट ग्राम साकरा, प्रदीप साहू मुंगेली, जोहन कुमार जांता, कन्हैया कौशिक पिता रामकिशोर कौशिकपुत्र बम्हनी, रोहणी साहू व अन्य शामिल हैं। जिनका उपचार जिला हॉस्पिटल में किया गया है।
प्लास्टर खुलवा के आया और कंधा में चोट से हुआ बेहाल
ग्राम डरजरा निवासी सुकरिता पाटिल ने जानकारी बताया कि वो अपने बेटे के हाथ में लगे प्लास्टर को खुलवा कर रायपुर से बेमेतरा आ रहे थे, तभी रास्ते में यह हादसा हो गया। जिससे उसके 4 वर्षीय बेटे के कंधे पर गंभीर चोट पहुंची है। डॉक्टरों ने फिर फ्रेक्चर होने का अंदेशा जताते हुए रायपुर रेफर कर दिया है। जोहन चंद्राकर को भी रायपुर रेफर किया गया है।
सीताराम सतनामी और खेमलाल को कमर में लगी चोट
कबीर धाम जिले के ग्राम रानी सागर निवासी सीताराम सतनामी के कमर व आसपास चोट लगी है। ग्राम झालम निवासी खेमलाल धु्रव के कमर में गंभीर चोट आई है। जिसे रायपुर रेफर किया गया है। खेमलाल ने बताया कि बस लहराकर पलटी। जब तक यात्री समझ पाते बस के अंदर वे दब चुके थे। हादसे के बाद संजीवनी वाहन व पुलिस पेट्रोलिंग वाहन में घायलों को जिला हॉस्पिटल लाया गया था।
अस्पताल के सहायता केंद्र के कर्मी व पुलिस जवान थे नदारद
जिला हॉस्पिटल में मदद के लिए संचालित सहायता केन्द्र में दोपहर की पाली में ड्यूटीरत जवान नदारद थे। पूर्व में भी दोपहर पाली में रहने वाले पुलिस कर्मी के नदारद रहने की शिकायत सामने आ चुकी है। जिसके कारण समय पर पुलिस प्रक्रिया प्रभावित होती रही है। हादसे की खबर लगते ही डिप्टी कलक्टर आरपी अचला, साजा तहसीलदार प्रवीण तिवारी, नयाब तहसीलदार मारावी हॉस्पिटल पहुंचे। जहां उपचार की जानकारी लेते रहे। मामले में पुलिस ने अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर लिया है।
दो बार पलटते-पलटते बची थी बस
यात्री रामसहाय कौशिक एवं बुधिया बाई कौशिक ने बताया कि बस चालक नशे में था, जिसकी लापरवाही से बस पलटी। हादसे के पूर्व रास्ते में दो बार बस पलटते-पलटते बची। इस पर यात्रियों ने बस चालक पर जमकर भड़के भी थे। इसके बाद सिमगा पार करने के बाद कठिया मोड़ पर तेज रफ्तार बस का संतुलन बिगड़ा और पलट गई। कठिया मोड़ खतरनाक है। यहां पर बस को धीमी गति से चलाने पर हादसा नहीं होता। ड्राइवर के नशे में होने के कारण वह मोड़ पर बस नहीं संभाल पाया।
बस पलटने के बाद भी चालू था इंजन
घायलों ने बताया कि बस पलटने के बाद भी उसका इंजन चालू था। एक तरफ लोग यात्रियों को बाहर निकालने का प्रयास कर रहे थे तो दूसरी ओर इंजन चालू होने से बड़े हादसे की आशंका थी। इसके बाद सामने का कांच तोड़ कर इंजन बंद किया, तब लोगों ने राहत की सांस ली। फिर यात्रियों को जल्दी-जल्दी बाहर निकाला गया। हादसे के बाद से यात्री डरे हुए थे। बस से बाहर निकलते हुए वे अपने-अपने साथियों को ढूंढते रहे। एक-दूसरे को सही सलामत देखने के बाद ही यात्रियों के जान में जान आई।