बैतूल। थाना मोहदा क्षेत्र में ग्राम जडिय़ा और रोजड़ीखेड़ा के बीच पुलिया के पास मिले अज्ञात शव के अंधे हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। आरोपियों ने नृशंस हत्या को सडक़ दुर्घटना का रूप देने का प्रयास किया था, जिसे पुलिस ने असफल कर दिया गया। इस मामले में महिला सहित चार आरोपियों […]
बैतूल। थाना मोहदा क्षेत्र में ग्राम जडिय़ा और रोजड़ीखेड़ा के बीच पुलिया के पास मिले अज्ञात शव के अंधे हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। आरोपियों ने नृशंस हत्या को सडक़ दुर्घटना का रूप देने का प्रयास किया था, जिसे पुलिस ने असफल कर दिया गया। इस मामले में महिला सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
एसपी वीरेन्द्र जैन ने बताया 14 जनवरी 2026 को सूचना मिली कि पुलिया के पास एक व्यक्ति मृत अवस्था में पड़ा है। मौके पर पहुंची पुलिस को प्रथम दृष्टया मामला संदिग्ध प्रतीत हुआ। सीन ऑफ क्राइम टीम द्वारा भौतिक साक्ष्य संकलन और फोटोग्राफी कराई गई। मृतक की पहचान लब्बू पिता सुकु यादव (45), निवासी जिरुढाना के रूप में हुई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर पर धारदार हथियारों से किए गए 5-6 गहरे घाव पाए गए, जिससे हत्या की पुष्टि हुई। जांच में सामने आया कि शव को पुलिया के नीचे फेंककर उसके ऊपर मृतक की मोटरसाइकिल रख दी गई थी, ताकि घटना दुर्घटना लगे। फरियादी रामप्रसाद यादव की रिपोर्ट पर थाना मोहदा में अपराध क्रमांक 04/2026 धारा 103(1), 61(2), 238, 3(5) बीएनएस के तहत प्रकरण पंजीबद्ध किया गया। पुलिस ने कविता यादव (30), राजू यादव (31), संतोष यादव (30) और रामप्रसाद यादव (30), सभी निवासी ग्राम जिरुढाना, को गिरफ्तार किया है।
महिला ने खेत पर बुलाया था लब्बू को
जांच में सामने आया कि कविता यादव के पति की 6-7 महीने पहले मृत्यु हो चुकी थी। मृतक द्वारा कविता को लगातार परेशान किए जाने से तंग आकर उसने अपने देवर और पड़ोसियों के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची। योजना के तहत कविता यादव ने मृतक को सांगवानी स्थित अपने खेत की टप्पर पर बुलाया, जहां पहले से मौजूद राजू यादव, संतोष यादव और रामप्रसाद यादव ने कुल्हाड़ी व पत्थरों से हमला कर उसकी हत्या कर दी। बाद में शव को पुलिया के पास ले जाकर फेंक दिया गया।