Forest officials later arrested one of the accused.
बैतूल। चिचोली परिक्षेत्र के खामापुर वृत्त अंतर्गत ग्राम जाफरीमऊ में सागौन के हरे-भरे पेड़ों की अवैध कटाई का मामला सामने आया है। वन माफिया ने जंगल में चार बड़े सागौन के वृक्ष काट दिए, लेकिन भारी-भरकम पेड़ों की कटाई के बावजूद वन अमले को भनक तक नहीं लगी। वन कर्मचारियों ने बाद में एक आरोपी को पकड़ा है।
जानकारी के अनुसार 29 दिसंबर की रात जाफरीमऊ के वन क्षेत्र में तस्करों ने सागौन के पेड़ों पर आरी चला दी। स्थानीय स्तर पर तैनात कर्मचारियों को इसकी सूचना तक नहीं मिली। बाद में रात्रि गश्त के दौरान कटे हुए पेड़ों का खुलासा हुआ, जिससे वन विभाग की निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। गश्त के दौरान घटना स्थल के पास एक संदिग्ध अल्टो वाहन को रोका गया। पहले वाहन चालक ने टालमटोल जवाब दिए, लेकिन कड़ाई से पूछताछ करने पर उसने अपराध स्वीकार कर लिया। आरोपी की पहचान अर्जुन यादव निवासी ग्राम डोल के रूप में हुई है। आरोपी को वन अधिनियम की धाराओं में गिरफ्तार कर लिया गया है। हालांकि विभाग एक आरोपी की गिरफ्तारी को बड़ी सफलता बता रहा है, लेकिन सवाल यह है कि इतने बड़े पेड़ कटते रहे और जिम्मेदार कर्मचारियों को समय रहते जानकारी क्यों नहीं मिली। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह अकेले व्यक्ति का काम नहीं हो सकता, इसके पीछे संगठित वन माफिया सक्रिय है। वन विभाग का कहना है कि पूछताछ जारी है और अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है। साथ ही यह भी जांच होगी कि आरोपी पहले किसी अन्य वन अपराध में शामिल रहा है या नहीं। फिलहाल इस कार्रवाई को लेकर जहां विभाग अपनी पीठ थपथपा रहा है। वहीं हरे-भरे सागौन के कटे पेड़ वन सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलते नजर आ रहे हैं।