कक्षा 5वीं और 8वीं का परीक्षा परिणाम घोषित, रिजल्ट देख बच्चों के चेहरे खिले बैतूल। बोर्ड पैटर्न पर आयोजित कक्षा 5वीं और 8वीं की वार्षिक परीक्षा का परिणाम बुधवार को घोषित कर दिया गया। इस वर्ष जिले का परीक्षा परिणाम पिछले साल की तुलना में बेहतर रहा है। कक्षा 5वीं का परिणाम 95 प्रतिशत तथा […]
बैतूल। बोर्ड पैटर्न पर आयोजित कक्षा 5वीं और 8वीं की वार्षिक परीक्षा का परिणाम बुधवार को घोषित कर दिया गया। इस वर्ष जिले का परीक्षा परिणाम पिछले साल की तुलना में बेहतर रहा है। कक्षा 5वीं का परिणाम 95 प्रतिशत तथा कक्षा 8वीं का परिणाम 94 प्रतिशत दर्ज किया गया है। दोनों ही कक्षाओं के परिणाम में क्रमश: 3 और 4 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जिससे शिक्षा विभाग में खुशी का माहौल है। परीक्षा परिणाम घोषित होने के बाद अच्छे अंकों से उत्तीर्ण होने वाले विद्यार्थियों के चेहरे खुशी से खिल उठे। स्कूलों में विद्यार्थियों ने एक-दूसरे को बधाई दी, वहीं शिक्षकों ने भी छात्रों को उनके बेहतर प्रदर्शन के लिए शुभकामनाएं देते हुए उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
जानकारी के अनुसार कक्षा 5वीं में कुल 23 हजार 71 विद्यार्थियों का पंजीयन हुआ था। इनमें से 22 हजार 550 विद्यार्थी परीक्षा में शामिल हुए, जिनमें से 21 हजार 464 विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए। इस प्रकार कक्षा 5वीं का परीक्षा परिणाम 95.18 प्रतिशत रहा। उल्लेखनीय है कि पिछले वर्ष यह परिणाम लगभग 92 प्रतिशत था, जिसके मुकाबले इस वर्ष करीब 3 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। इसी प्रकार कक्षा 8वीं में कुल 22 हजार 173 विद्यार्थियों का पंजीयन हुआ था। इनमें से 21 हजार 295 विद्यार्थी परीक्षा में शामिल हुए, जिनमें से 20 हजार 64 विद्यार्थी उत्तीर्ण घोषित किए गए। कक्षा 8वीं का परीक्षा परिणाम 94.22 प्रतिशत रहा, जबकि पिछले वर्ष यह परिणाम लगभग 90 प्रतिशत था। इस प्रकार इस वर्ष करीब 4 प्रतिशत का सुधार दर्ज किया गया है।
एक अप्रेल से नवीन सत्र की होगी शुरूआत
आगामी 1 अप्रेल से नए शैक्षणिक सत्र 2026-27 की शुरुआत को लेकर शिक्षा विभाग ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। लोक शिक्षण संचालनालय और जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा सभी स्कूल प्राचार्यों को आवश्यक निर्देश जारी किए गए हैं। निर्देशों के अनुसार 30 मार्च तक विद्यालयों की साफ-सफाई, सजावट और अन्य व्यवस्थाएं पूरी करने को कहा गया है। इसके अलावा 31 मार्च को शिक्षकों की बैठक आयोजित कर नए सत्र की शैक्षणिक कार्ययोजना तैयार की जाएगी। साथ ही परीक्षा परिणामों का विश्लेषण कर कमजोर विद्यार्थियों के लिए विशेष शैक्षणिक योजना बनाने के निर्देश भी दिए गए हैं। नए सत्र के पहले दिन प्रवेशोत्सव के तहत सांस्कृतिक और खेल गतिविधियों के आयोजन भी किए जाएंगे।