
बैतूल। शहर में लगातार बढ़ते ट्रैफिक दबाव, शादी समारोहों की भीड़ और सडक़ सुरक्षा की चुनौती को देखते हुए प्रशासन ने बैतूल की यातायात व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया है। अब पीक आवर्स के दौरान शहर की सीमा में भारी, मध्यम वाहन और ट्रैक्टर-ट्रॉली के प्रवेश पर रोक रहेगी। इस फैसले का उद्देश्य मुख्य मार्गों पर लगने वाले जाम को कम करना और आम नागरिकों की आवाजाही को सुगम बनाना है।
कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे के निर्देश पर नई व्यवस्था लागू की गई है। इसके तहत प्रतिदिन सुबह 8 बजे से दोपहर 12 बजे तक तथा शाम 5 बजे से रात 10 बजे तक शहर के 7 किलोमीटर दायरे में भारी वाहनों की एंट्री बंद रहेगी। यह प्रतिबंध एलबी लॉन से तितली चौक, भारत भारती, गौठाना, हमलापुर चौक से बैतूल शहर की ओर आने वाले मार्गों पर लागू रहेगा। प्रशासन ने साफ किया है कि कृषि उपज मंडी बडोरा में उपज लेकर आने वाले किसानों के वाहनों को मंडी परिसर तक जाने की अनुमति रहेगी, लेकिन भारी वाहन शहर के भीतर प्रवेश नहीं कर सकेंगे। वहीं रेलवे रैक परिवहन में लगे भारी और मध्यम वाहनों पर भी शाम 5 बजे से रात 10 बजे तक रोक लागू रहेगी। हालांकि, एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड और पुलिस जैसे आपातकालीन सेवा वाहनों को इस प्रतिबंध से पूरी छूट दी गई है, ताकि आपदा या आकस्मिक स्थिति में किसी प्रकार की परेशानी न हो। यातायात पुलिस ने शहर में दबाव कम करने के लिए वैकल्पिक मार्ग भी निर्धारित किए हैं। रामबोलो चौक और तितली चौराहा से नागपुर, मुलताई, बैतूल बाजार, आठनेर, चिचोली और घोड़ाडोंगरी जाने वाले वाहनों को एनएच-47 कोसमी सोनाघाटी मार्ग से निकाला जाएगा। इसके अलावा सदर ओवरब्रिज के पास गंज और रामनगर जाने वाले हल्के वाहनों को ओवरब्रिज उपयोग करने की अनुमति नहीं होगी। ऐसे वाहन तितली चौराहा, एनएच-47 सोनाघाटी और भारत भारती मार्ग से अपने गंतव्य तक पहुंचेंगे। प्रशासन ने नागरिकों से नई व्यवस्था का पालन करने और सहयोग देने की अपील की है, ताकि शादी सीजन और व्यस्त समय में शहर को जाम से राहत मिल सके।
Updated on:
21 Apr 2026 09:19 pm
Published on:
21 Apr 2026 09:19 pm
