10 जून 2026,

बुधवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

एमपी में सांपों की अनोखी दुनिया, सतपुड़ा अंचल में मिली 5 फैमिली की 19 प्रजातियां

Snakes World in MP : जेएच कॉलेज के पूर्व प्राध्यापक ने शोध कर तैयार किया 'स्नेक फाना'। जंगलों, ग्रामीण क्षेत्रों और शहरी इलाकों में पाए जाने वाले सांपों पर किए गए विस्तृत अध्ययन में 5 फैमिली की 19 प्रजातियों की मौजूदगी दर्ज की गई है।

3 min read
Google source verification
Snakes World in MP

सतपुड़ा अंचल में मिली सांपों की अनोखी दुनिया (Photo Source- Input)

Unique Snakes World : सतपुड़ा अंचल की समृद्ध जैव विविधता एक बार फिर चर्चा में है। मध्य प्रदेश के बैतूल जिले के जंगलों, ग्रामीण क्षेत्रों और शहरी इलाकों में पाए जाने वाले सांपों पर किए गए विस्तृत अध्ययन में 5 फैमिली की 19 प्रजातियों की मौजूदगी दर्ज की गई है। प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस जयवंती हाक्सर शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय बैतूल के पूर्व प्राध्यापक डॉ. सुखदेव डोंगरे ने वन विभाग और स्नेक मित्रों के सहयोग से साल 2024-25 में बैतूल जिले का स्नेक फाना तैयार किया है।

ये अध्यन जिले की जैव विविधता और वन्यजीव संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। डॉ. डोंगरे ने बताया कि, बैतूल के घने जंगल, सतपुड़ा टाइगर रिजर्व से लगे क्षेत्र, नदियां और कृषि प्रधान वातावरण सांपों के लिए अनुकूल आवास प्रदान करते हैं। अध्ययन के दौरान बैतूल, आमला, घोड़ाडोंगरी, शाहपुर, चिचोली, भीमपुर, मुलताई, आठनेर और भैंसदेही सहित जिले के विभिन्न क्षेत्रों में सर्वे किया गया।

अध्ययन में मिली सांपों की कई फैमिली

वन विभाग के रेंजर पीएन बरडे और स्नेक मित्र आदिल खान, विशाल विश्वकर्मा और जमाल भाई ने इस शोध में सहयोग किया। अध्ययन में बोइडी फैमिली के रेड सेंड बोआ, कॉमन सेंड बोआ और अजगर जैसी प्रजातियां दर्ज की गईं। वहीं कोलूब्रिडी फैमिली में धामन (रेट स्नैक), ब्रॉन्ज बैक ट्री स्नैक, वुल्फ स्नैक, कॉमन कुकरी स्नैक और चेकरड कील बैक जैसे सांप पाए गए।

ये जहरीली प्रजातियां भी मिलीं

इसके अलावा जहरीली प्रजातियों में इंडियन स्पेक्टेकल्ड कोबरा, कॉमन करैत, रसेल्स वाइपर और सॉ स्केल्ड वाइपर भी शामिल हैं। ब्राह्मणी वर्म स्नैक और बम्बू पिट वाइपर जैसी दुर्लभ प्रजातियों की मौजूदगी भी रिकॉर्ड की गई है।

पर्यावरण संतुलन में सांपों की भूमिका

डॉ. डोंगरे ने बताया कि, ज्यादातर सांप इंसानों के लिए नुकसानदायक नहीं होते, बल्कि पर्यावरण का संतुलन बनाए रखने में अहम भूमिका निभाते हैं। धामन जैसे सांप खेतों में चूहों की संख्या नियंत्रित कर किसानों के मित्र साबित होते हैं। कई प्रजातियां कीड़े-मकोड़ों को खाकर फसलों और प्राकृतिक संतुलन की रक्षा करती हैं। उन्होंने लोगों से अपील की है कि सांप दिखाई देने पर घबराने या उन्हें मारने के बजाय सर्प मित्रों या वन विभाग को सूचना दें, ताकि उन्हें सुरक्षित रेस्क्यू करने और संरक्षित किया जा सके।

वन्यजीव संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम

जैव विविधता और वन्यजीव संरक्षण की दिशा में इस अध्यन को एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। डॉ. डोंगरे के अनुसार, बैतूल के घने जंगल, सतपुड़ा टाइगर रिजर्व से लगे क्षेत्र, नदियां और कृषि प्रधान वातावरण सांपों के लिए अनुकूल आवास मुहैय्या कराते हैं। अध्ययन के दौरान बैतूल, आमला, घोड़ाडोंगरी, शाहपुर, चिचोली, भीमपुर, मुलताई, आठनेर और भैंसदेही सहित जिले के विभिन्न इलकों में सर्वे किया गया है।