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बैतूल में सामुदायिक भवन विवाद पर प्रशासन की त्वरित कार्रवाई, तहसीलदार बोले- यहीं होगा निर्माण

Community Hall Construction: ग्राम पंचायत लक्कड़जाम में कुछ लोगों द्वारा सामुदायिक भवन के खिलाफ झूठी शिकायत व अफवाह फैलाने का मामला, नाराज ग्रामीण पहुंचे बैतूल, अपर कलेक्टर वंदना जाट व अन्य अफसरों को बताई हकीकत , जिले के अफसरों ने साथ में मौके पर भेजे क्षेत्र के तहसीलदार व जनपद सीईओ।

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betul

community hall controversy administration action lakadjam village (सामुदायिक भवन निर्माण का मामला सुलझा, source- patrika)

Betul Community Hall Controversy: मध्यप्रदेश के बैतूल जिले की भीमपुर जनपद की ग्राम पंचायत लक्कड़जाम पंचायत में सामुदायिक भवन निर्माण को लेकर की गई झूठी शिकायतों का मौके पर पहुंचे भीमपुर जनपद सीईओ नान सिंह चौहान और तहसीलदार बसंत बरखानिया ने पटाक्षेप कर दिया है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि किसी हालत में काम नहीं रोकना है। असल में उक्त पंचायत के लोगों ने पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने सामुदायिक भवन स्वीकृत किया है, जिसके निर्माण को लेकर झूठी शिकायतें और अफवाह फैलाई जा रही थीं।

कुछ लोगों ने की झूठी शिकायतें- सरपंच

सरपंच, उप सरपंच व पंचों ने दो महीने पहले भवन का काम शुरू कराया है। सरपंच पार्वती बाई का कहना है कि तभी से अजित रायपुरे, राजकुमार रायपुरे, विनोद मालवीय समेत कुछ अन्य लोग झूठी शिकायत कर रहे थे। ये हाल में बैतूल भी पहुंचे थे, इन्होंने प्रशासन के नाम एक ज्ञापन देने का दावा करते हुए कहा था कि पंचायत भवन का निर्माण आदिवासियों के आराध्य देव मेघनाथ बाबा स्थल पर किया जा रहा है। यह भी कहा था कि भवन बिल्कुल रोड से सटकर बनाया जा रहा है। इसके अलावा कई तरह का भ्रम फैलाया था। कुछ ग्रामीणों के खिलाफ झूठी शिकायतें भी कर दी थीं।

पंचायत की बदनामी हुई तो पूरा गांव पहुंचा कलेक्टर से मिलने

सरपंच पार्वती बाई भीमपुर जनपद की चार पंचायतों को सबसे पहले भवन मिला, जिसमें लक्कड़जाम का भी नाम शामिल है। इसे बनाने के लिए लंबे समय से प्रयास कर रहे थे, तीन-तीन बार ग्राम सभा बुलाई गई, मुनादी भी कराई, लेकिन अफवाह व भ्रम फैलाने वाले लोगों ने कभी ठीक से साथ नहीं दिया। जब काम शुरू किया तो आदिवासियों में भ्रम फैलाने की कोशिश के झूठे प्रयास किए। विवादित जमीनों का सीमांकन कराने के नाम पर देरी कराने और राशि लैप्स कराने के प्रयास किए गए। जैसे ही यह बात ग्रामीणों को पता चली तो सभी मिलकर सोमवार को बैतूल पहुंचे। कलेक्टर से मिलना था लेकिन वे नहीं थे, जिसके कारण अपर कलेक्टर वंदना जाट को वस्तु स्थिति से अवगत कराया। उन्होंने तहसीलदार, जनपद सीईओं को साथ में मौके पर भेजा।

विधायक को बताया- भाजपाई दे रहे, कांग्रेसियों का साथ

लक्कड़जाम के 50 से ज्यादा ग्रामीण जिला भाजपा के गंज स्थित विजय भवन भी पहुंचे। यहां जिला अध्यक्ष व भैंसदेही विधायक महेंद्र सिंह चौहान को बताया कि खुद को भाजपाई बताने वाले गांव के विनोद मालवीय खुद को कांग्रेसी कहने वाले अजित रायपुरे व राजकुमार रायपुरे के साथ मिलकर खुद की सरकार द्वारा स्वीकृत भवन का काम रोकने में जुटे हैं। ग्रामीण ने बताया कि इस पर विधायक ने गंभीर आपत्ति ली और स्वयं ने तहसीलदार, जनपद सीईओ को भ्रम फैलाने, झूठी शिकायत करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

पूर्व विधायक सिरसाम व टेकाम को उलझाया

ग्रामीणों के मुताबिक अजित रायपुरे व अन्य ने क्षेत्र के पूर्व विधायक धरमू सिंह सिरसाम व लोकसभा प्रत्याशी रहे रामू टेकाम को भी झूठी शिकायत मामले में ज्ञापन देने के लिए साथ लेकर गए थे। ग्रामीण रमेश धुर्वे समेत अन्य ने बताया कि उन्होंने लोकसभा प्रत्याशी रामू टेकाम को झूठी शिकायत मामले में वस्तु स्थिति से अवगत करा दिया है।

कलेक्टर के नाम का झूठा उपयोग

ग्रामीणों ने अपर कलेक्टर को बताया कि झूठी शिकायत करने जो लोग आए थे, उन्होंने स्थानीय स्तर पर जानकारी दी कि उनकी शिकायत पर कलेक्टर ने भीमपुर जनपद सीईओ को दूरभाष पर काम रोकने के निर्देश दिए हैं। लेकिन जनपद सीईओ का कहना है कि कलेक्टर ने उन्हें ऐसा निर्देश ही नहीं दिए। चूंकि उन्हें पहले से हकीकत पता थी वे पहले ही लक्कड़जाम पहुंचकर मामले को समझ चुके थे। अब ग्रामीणों का कहना है कि कलेक्टर जैसे अधिकारी के नाम का झूठी शिकायत में खुद के फायदे के लिए उपयोग करने वालों के खिलाफ मामला दर्ज होना चाहिए।