अपराधों के शहर भरतपुर में अब बंद कमरे में तीसरी आंख से इस पर नजर रख अपराधी को दबोच लिया जाएगा। दिल्ली व जयपुर की तर्ज पर जल्द पुलिस सीसी टीवी कैमरों से शहर की गतिविधि पर नजर रखेगी। इसकी लंबी चौड़ी तैयारियां चल रही हैं। जिला कलक्ट्रेट में कमाण्ड एण्ड कंट्रोल सेंटर स्थापित हो रहा है।
अपराधों के शहर भरतपुर में अब बंद कमरे में तीसरी आंख से इस पर नजर रख अपराधी को दबोच लिया जाएगा। दिल्ली व जयपुर की तर्ज पर जल्द पुलिस सीसी टीवी कैमरों से शहर की गतिविधि पर नजर रखेगी। इसकी लंबी चौड़ी तैयारियां चल रही हैं। जिला कलक्ट्रेट में कमाण्ड एण्ड कंट्रोल सेंटर स्थापित हो रहा है।
अब शहर के मुख्य चौराहे, सड़क व बाजार में कैमरे लगने शेष हैं। इस तरह 800 कैमरे लगाने के लिए खंभे खड़े किए जा रहे हैं। अगस्त से प्रमुख स्थानों पर कैमरों से अपराधियों पर नजर रखने का काम शुरू होने की उम्मीद है। सेंटर में आईटी का जिम्मा लार्सन एण्ड टर्बो लि. कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर जिगनेश दुबे संभाल रहे हैं।
सेंटर प्रभारी अरविंद ने बताया कि अंधड़, बिजली कमी से व्यवस्था ठप नहीं हो, इसके लिए अलग से सर्वर रूम और पावर बैकअप है। साथ ही सहायक प्रबंधक नौशाद, सीनियर इंजीनियर मनीष, ऋषभ व चंद्रभान व्यवस्था देख रहे हैं। शहर में कैमरों के लिए खंभे ओरियन प्रो लगा रही है।
100 नंबर पर दो सूचना
कोई भी व्यक्ति आपात स्थिति में 100 नंबर पर फोन कर सूचना दे सकेगा। यह सूचना सेंटर पर पहुंचेगी, जहां से संबंधित इलाके में गश्त कर रही पीसीआर वैन को जानकारी देकर घटनास्थल पर भेजा जाएगा। डायल 100 पर 15 लाइन एक साथ होंगी, जिससे फोन व्यस्त की समस्या नहीं रहेगी।
जीपीएस, टेबलेट से लैस होगी वैन
शहर में 20 पीसीआर वैन चलेंगी, जो जीपीएस सिस्टम से जुड़ी होंगी। इन वाहनों में मोबाइल डाटा टर्मिनल (एमडीटी) होगा, जो टेबलेट की तरह होगा। जिस पर पुलिस कर्मी से सीधे सेंटर से बात कर सकेगा और अपराध संबंधी सूचना, दिशा-निर्देश उसे टेबलेट पर मिलेंगे।
कंट्रोल रूम में आधुनिक सुविधाएं
कमाण्ड एण्ड कंट्रोल सेंटर आधुनिक सुविधाओं से लैस है। यहां वीडियो सर्विलांस रूम से प्रत्येक एरिया के सीसी टीवी कैमरों से नजर रखी जाएगी। पूरे शहर का डिजीटल नक्शा होगा और 24 बड़ी स्क्रीन पर सीसी टीवी के लाइव फुटेज दिखेंगे। डायल 100 पर सूचना मिलते ही जगह लोकेट कर पीसीआर को सूचना भेजेंगे। कंट्रोल रूम में पुलिस 24 घंटे नजर रखेगी।
बचना होगा मुश्किल
शहर में लगने वाले 800 कैमरे 50 मीटर तक नजर रखेंगे। सेंटर में फॉरेंसिक इन्वेस्टिगेशन रूम भी है। जहां फर्जी वॉयस, एसएमएस, फेसबुक, व्हाट्स-अप पर वायरल होने वाले वीडियो की जांच होगी। कंट्रोल रूम में आतंकी और इनामी अपराधियों का डाटा होगा। इन कैमरों के सामने से यदि संदिग्ध शख्स निकलेगा तो वह तुरंत पहचान कर कंट्रोल को अलार्म भेजेगा।