
Atar Singh Bhadana News : भरतपुर। पूर्व विधायक अतर सिंह भड़ाना हत्याकांड में पुलिस पूछताछ के दौरान मुख्य षड्यंत्रकर्ता मुकेश फौजी ने खुलासा किया कि उसने वारदात से पहले गांव में ग्रामीणों के फायरिंग में घायल होने की अफवाह फैलाई थी। पुलिस के अनुसार, 11 अक्टूबर की शाम उसने अपने साथियों को भैरव मंदिर की पहाड़ी पर भेजा था। साथियों ने पूर्व विधायक अतर सिंह भड़ाना के माइंस पर होने की सूचना दी। इसके बाद मुकेश ने गांव में अफवाह फैलाई कि पूर्व विधायक की ओर से की गई फायरिंग में चार-पांच ग्रामीण घायल हो गए हैं।
इससे ग्रामीण आक्रोशित हो गए और बड़ी संख्या में माइंस पर पहुंचकर हमला कर दिया। हमले में घायल भड़ाना की जयपुर ले जाते समय मौत हो गई। पुलिस का कहना है कि मुकेश से पूछताछ में और खुलासे हो सकते हैं।
पूर्व विधायक अतर सिंह भड़ाना हत्याकांड में अनुसंधान अधिकारी ने गुरुवार 22 अक्टूबर को दिल्ली पहुंचकर पूर्व विधायक की पत्नी कमलेश भड़ाना के बयान दर्ज किए। बोलने में असमर्थता के चलते उनके बयान लिखित में लिए गए। परिजन ने पुलिस को डीवीआर भी सौंपी है। कमलेश भड़ाना ने बयानों में एफआइआर में दर्ज घटनाक्रम को ही दोहराया। परिजन के अनुसार, वारदात के दौरान हमलावर बेरहमी से मारपीट कर रहे थे। पति पूर्व विधायक अतर सिंह भड़ाना को बचाने पहुंचीं कमलेश को भी धक्का मारा गया और मारपीट की गई।
पुलिस ने शनिवार को दो और आरोपियों राधाकिशन उर्फ पप्पी (35 वर्ष) और हेमसिंह (34 वर्ष) को गिरफ्तार किया। दोनों भरतपुर निवासी हैं और उन पर पांच-पांच हजार रुपए का इनाम घोषित था। मामले में अब तक कुल 19 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस आगे की कार्रवाई में जुटी है।
वैर के भौंडा गांव में पूर्व विधायक अतर सिंह भड़ाना हत्याकांड के मामले में वैर थाने के थानाधिकारी और टीआइ कांस्टेबल को सस्पेंड किया जा चुका है, जबकि दो आरपीएस अधिकारियों को एपीओ किया गया था। इन पर इस सनसनीखेज हत्याकांड में लापरवाही बरतने का आरोप है।
गौरतलब है कि 11 अक्टूबर की शाम वैर थाना क्षेत्र के गांव भौंड़ा स्थित खनन लीज पर विवाद के दौरान हमलावरों ने पूर्व विधायक अतर सिंह भड़ाना पर हमला कर दिया था। जयपुर ले जाते समय रास्ते में उनकी मौत हो गई थी। पत्नी ने 64 नामजद सहित अन्य हमलावरों के खिलाफ मामला दर्ज कराया था।