
भरतपुर। राजस्थान के भरतपुर जिले में दर्दनाक हादसा हो गया। राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित गांव वेरी के समीप निर्माणधीन ऑयल मिल परिसर में बने कमरे की छत पर खेलते वक्त गुरुवार दोपहर दो भाई हाईटेंशन बिजली लाइन की चपेट में आ गए। जिससे दोनों की मौके पर ही जलकर मौत हो गई। दो भाइयों की मौत के बाद घर में कोहराम मच गया। परिजनों का रो—रोकर बुरा हाल है। बच्चों के माता-पिता ऑयल मिल में ही मजदूरी करते हैं और वहीं परिसर में बने एक कमरे में रहते हैं।
जानकारी के अनुसार ऑयल मिल पर गांव लखनपुर, नदबई निवासी शिवलाल जाटव ऑयल मिल पर चौकीदारी का काम करता है। वर्तमान में मिल की चारदीवारी का निर्माण कार्य चल रहा है। महीने भर पहले मजदूरी करने के लिए शिवलाल ने अपने पुत्र नन्दलाल और पुत्रवधु को भी बच्चों सहित वहीं बुला लिया और मिल मालिक ने रहने के लिए एक कमरा दंपती को दे दिया। गुरुवार दोपहर को मजदूर दंपती मजदूरी कार्य में व्यस्त थे।
तभी उनके दोनों बच्चे प्रशांत (15) और पवन (12) खेलते हुए कमरे की छत पर चढ़ गए। जहां कमरे के ऊपर से गुजर रही हाइटेंशन लाइन की चपेट में आ गए। जिससे दोनों बच्चे बुरी तरह झुलस गए। छत पर धुआं उठते देख आसपास के लोग छत पर पहुंचे तब तक बच्चे बुरी तरह से झुलस चुके थे। दोनों बच्चों को हलैना अस्पताल ले जाया गया। जहां दोनों को मृत घोषित कर दिया।
जानकारी के अनुसार हाइटेंशन लाइन पूर्व में मिल परिसर के बीच से गुजर रही थी। जिसे करीब दस माह पहले मिल की बाउंड्री के बगल में शिफ्ट किया गया था। हलैना कनिष्ठ अभियंता भीम सिंह ने बताया कि लाइन शिफ्ट के दौरान वहां कोई कमरा बना हुआ नहीं था।
लाइन शिफ्ट होने के बाद मिल मालिक ने हाइटेंशन लाइन के नीचे कमरा निर्माण कराया। जिस पर विभाग की ओर से मिल मालिक को नोटिस जारी किया गया था। लेकिन मिल मालिक ने नोटिस को नजर अंदाज कर कमरे का निर्माण करवाया जो आज घटना का कारण बना। इस संबंध में नंदलाल के भाई ने हलैना पुलिस थाने में मामला दर्ज कराया है।
घटना के विरोध में बच्चों के परिजन मिल मालिक को मौके पर बुलाने के लिए अड गए और पोस्टमार्टम नहीं होने दिया। करीब 5 घंटे की समझाइश के बाद परिजन पोस्टमार्टम के लिए तैयार हुए और शवों को लेकर अपने गांव चले गए।
यह भी पढ़ें