
भिलाई . कोरोनाकाल में जिन विद्यार्थियों ने अपने घर बैठकर हेमचंद यादव विश्वविद्यालय की ऑनलाइन ओपन बुक परीक्षा लिखी, वे इस साल हुए ऑफलाइन परीक्षा में ढेर हो गए। विवि ने मंगलवार को बीए भाग-2 परीक्षा के नतीजे जारी कर दिए। इसमें पोस्ट कोरोना इम्पैक्ट दिखाई दिया है। परीक्षा में शामिल हुए 24,382 विद्यार्थियों में से महज 8268 ही उत्तीर्ण हो पाए हैं।
जबकि 9,419 विद्यार्थी फेल हो गए। 6,227 विद्यार्थियों को पूरक दिया गया है। बीए का रिजल्ट सिर्फ 33.91 फीसदी रहा। विवि प्रशासन का कहना है कि फेल हुए 70 फीसदी विद्यार्थियों में से से 56 फीसदी स्वाध्यायी (प्राइवेट) छात्र हैं। ये ऑनलाइन परीक्षा में तो घर बैठे पास हो गए लेकिन ऑफलाइन परीक्षा के लिए खुद को तैयार नहीं कर पाए।
इससे रिजल्ट खराब हुआ। इस साल पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय का रिजल्ट बीए में 28 फीसदी गया है, इस हिसाब से हेमचंद यादव विवि फिर भी बेहतर स्थिति में है। बीए का सबसे कम रिजल्ट बिलासपुर यूनिवर्सिटी में 25 फीसदी रहा है। यहां 13 हजार विद्यार्थी फेल हुए हैं।
हेमचंद यादव विवि ने रोके गए परिणाम जारी करना शुरू कर दिया है। वही नकल प्रकरणों पर भी फैसला दे दिया है। विवि ने हाल ही में एमए अंग्रेजी और बीएससी के यूएफएम प्रकरण सुलझाए। इसके लिए बनी समिति ने एमए अंग्रेजी की परीक्षा में नकल करने वाले विद्यार्थियों को कड़ा दण्ड दिया है।
सात विद्यार्थियों की पूरी परीक्षा निरस्त कर दी है। ये सभी परीक्षा में इलेक्ट्रिक डिवाइस व अपने साथ कुंजी रखकर परीक्षा लिख रहे थे। ठीक ऐसे ही बीएससी भाग-1 की परीक्षा में नकल करते पकड़ाए 37 विद्यार्थियों के यूएफएम नतीजों को सी केटेगरी में रखकर पूरी परीक्षा निरस्त करने का आदेश जारी कर दिया गया है। इनमें से सिर्फ एक छात्र को क्षमादान दिया गया है।