
Assistant Professor Recruitment 2026 (Image-Freepik)
Assistant Professor Recruitment 2026: लंबे समय से शिक्षकों और नियमित प्राचार्यों की कमी से जूझ रहे प्रदेश के शासकीय कॉलेजों में जल्द सुधार की उम्मीद जगी है। उच्च शिक्षा मंत्री टंकराम वर्मा ने गुरुवार को विभागीय समीक्षा बैठक में 31 जुलाई तक सभी स्नातक महाविद्यालयों में नियमित प्राचार्य पदस्थ करने और 700 सहायक प्राध्यापकों की भर्ती प्रक्रिया तत्काल शुरू करने के निर्देश दिए। भर्ती छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (सीजीपीएससी) के माध्यम से होगी। सरकार के इस फैसले से दुर्ग संभाग समेत पूरे प्रदेश के कॉलेजों में लंबे समय से लंबित नियुक्तियों को गति मिलने की संभावना है।
बैठक में तय किया गया कि कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में सहायक ग्रेड-3 तथा चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की भर्ती राज्य कर्मचारी चयन आयोग के माध्यम से की जाएगी। वित्तीय अनुशासन के तहत बजट जारी करने से पहले प्रशासनिक स्वीकृति अनिवार्य होगी। वहीं नवस्थापित महाविद्यालयों के विकास के लिए अलग बजटीय प्रावधान भी किया जाएगा।
नए शिक्षा सत्र से किसी भी सरकारी कॉलेज का संचालन प्रभारी प्राचार्य के भरोसे नहीं करने का निर्णय लिया गया है। वर्ष 2019 से पहले नियुक्त सहायक प्राध्यापकों को वर्ष 1990 के सेवा नियमों के तहत प्राचार्य पद पर पदोन्नति देने का फैसला भी लिया गया, जिससे उनकी वरिष्ठता सुरक्षित रहेगी। वरिष्ठ और प्रवर वेतनमान की लंबित सूचियां जल्द जारी होंगी। अतिथि प्राध्यापकों की सेवा शर्तों में सुधार संबंधी समिति की रिपोर्ट पर भी शीघ्र निर्णय लेने की बात कही गई।
सरकार के फैसलों के बावजूद उच्च शिक्षा विभाग में रिक्त पदों की स्थिति गम्भीर बनी हुई है। प्रदेश में प्रोफेसर के 780 स्वीकृत पद हैं, लेकिन एक भी नियमित प्रोफेसर कार्यरत नहीं है। सहायक प्राध्यापक (Assistant Professor Recruitment 2026) के 5,406 स्वीकृत पदों में 2,498 पद खाली हैं। इसी तरह 346 शासकीय कॉलेजों में से 249 कॉलेज नियमित प्राचार्य के बिना संचालित हो रहे हैं। कार्यालयीन व्यवस्था भी प्रभावित है।
कार्यालयीन स्टाफ के 2,180 स्वीकृत पदों में 1,317 और ग्रंथपाल के 226 पदों में 147 पद रिक्त हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि 700 सहायक प्राध्यापकों की भर्ती और नियमित प्राचार्यों की नियुक्ति सकारात्मक शुरुआत है, लेकिन उच्च शिक्षा व्यवस्था को पूरी तरह सुदृढ़ करने के लिए व्यापक स्तर पर और नियुक्तियां करना आवश्यक होगा।
बैठक में मंत्री ने स्पष्ट किया कि 700 सहायक प्राध्यापकों की भर्ती में किसी प्रकार की देरी नहीं होनी चाहिए। दस्तावेज सत्यापन सहित पूरी प्रक्रिया समयबद्ध ढंग से पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही विभाग के अन्य रिक्त पदों को भरने के लिए भी जल्द प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजने को कहा गया है।
Published on:
03 Jul 2026 01:35 pm
