
बारिश का अलर्ट। फोटो पत्रिका
Chhattisgarh Monsoon Update: दक्षिण-पश्चिम मानसून ने मंगलवार को पूरे छत्तीसगढ़ में दस्तक दे दी। इसके प्रभाव से दुर्ग जिले में दिनभर बादल छाए रहे और कई स्थानों पर हल्की बूंदाबांदी हुई। मौसम में आए इस बदलाव से अधिकतम तापमान में करीब 9 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई। मंगलवार को जिले का अधिकतम तापमान 31.5 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। उमस कम होने से लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली और शाम होते ही पार्कों व पर्यटन स्थलों पर लोगों की चहल-पहल बढ़ गई।
हालांकि मानसून की सक्रियता बढऩे लगी है, लेकिन जून का महीना दुर्ग जिले के लिए निराशाजनक रहा। पूरे महीने में केवल तीन दिन ही अच्छी बारिश हुई और कुल मिलाकर करीब तीन इंच वर्षा दर्ज की गई। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार जिले में अब तक सामान्य से लगभग 70 प्रतिशत कम बारिश हुई है। इसका सीधा असर खरीफ सीजन की खेती की तैयारियों पर पड़ा है। किसानों की निगाहें अब जुलाई की बारिश पर टिकी हैं, जिससे खेतों में बुआई का काम गति पकड़ सके।
मौसम विभाग ने दुर्ग जिले को येलो अलर्ट में रखा है। विभाग के मुताबिक, बारिश के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से तेज हवा चल सकती है। कई स्थानों पर आकाशीय बिजली गिरने की भी आशंका जताई गई है। लोगों को खराब मौसम के दौरान पेड़ों के नीचे खड़े होने और खुले मैदानों में रहने से बचने की सलाह दी गई है।
मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार एक जुलाई से प्रदेश में मानसून और सक्रिय होगा। दुर्ग जिले सहित आसपास के क्षेत्रों में अगले सात दिनों तक अच्छी बारिश होने की संभावना है। मौसम वैज्ञानिक एच.पी. चंद्रा ने बताया कि बंगाल की खाड़ी के उत्तरी भाग और उससे लगे दक्षिण बांग्लादेश के ऊपर ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण बन रहा है। इसके प्रभाव से तीन जुलाई के आसपास उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में निम्न दाब का क्षेत्र बनने की संभावना है। इसके असर से प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में व्यापक वर्षा होने के संकेत हैं।
Published on:
01 Jul 2026 11:15 am
बड़ी खबरें
View Allभिलाई
छत्तीसगढ़
ट्रेंडिंग
