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मानसून की गतिविधियां तेज! छत्तीसगढ़ के सभी जिलों में अगले पांच दिनों तक बारिश के संकेत, गिरेंगी बिजलियां

Chhattisgarh Weather News: मौसम विभाग ने छत्तीसगढ़ में अगले पांच दिनों तक बारिश को लेकर चेतावनी जारी हुआ है। वहीं रायपुर में दोपहर बाद मौसम में बड़ा बदलाव हुआ है..
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रायपुर

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Chandu Nirmalkar

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Updated: 1 Jul 2026, 9:59 AM IST

Monsoon Rain in chhattisgarh

बारिश का फाइल फोटो: पत्रिका

Chhattisgarh Monsoon Update: छत्तीसगढ़ में मानसून की गतिविधियां तेज हो गई ​है। आज से हवाओं की दिशा में बदलाव हुआ है। इसी के साथ ही अब लगातार बारिश के आसार हैं। इधर मौसम विभाग ने भी अगले पांच दिनों तक छत्तीसगढ़ के सभी जिलों में अच्छी बारिश का पूर्वानुमान जताया है। बता दें कि आज सुबह से ही बादल छाए हुए हैं। वहीं अब दोपहर बाद कई जगहों में बारिश के हालत बने हुए हैं।

Chhattisgarh Weather Update: छत्तीसगढ़ में मानसून कमजोर

दंतेवाड़ा में 22 जून को को मानसून ने दस्तक दी है। वहीं अगले 24 घंटे में रायपुर पहुंच गया। लेकिन जिस तरह से लोग बारिश का इंतजार कर रहे थे ऐसी बारिश अभी तक नहीं हुई। जून महीने के आंकड़ों पर नजर डाले तो इस बार 67 प्रतिशत कम बारिश हुई है। दरअसल जो भी बारिश हो रही है, वह द्रोणिका व अन्य सिस्टम के कारण हो रही है। बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र नहीं बनने की वजह से भारी से अतिभारी बारिश नहीं हो रही है। हालांकि अब मौसम में बदलाव के साथ तेज बारिश के संकेत मिल रहे हैं।

1 जुलाई से बारिश की भविष्यवाणी

मौसम विभाग ने एक बार फिर 1 जुलाई से प्रदेश में व्यापक बारिश की भविष्यवाणी की है। ( Chhattisgarh Weather News ) यही नहीं अगले एक सप्ताह तक कहीं-कहीं भारी वर्षा होने की चेतावनी दी है। इस दौरान गरज चमक के साथ बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया है। इधर रायपुर में आज शाम 4 बजे से मौसम का मिजाज बदल गया। ठंडी हवाओं के साथ बारिश शुरू हो गई। इसके अलावा दुर्ग, बिलासपुर में भी बदले मौसम के मिजाज से लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली।

बुआई पिछड़ने से किसानों की बढ़ी चिंता

आषाढ़ महीने के प्रवेश के साथ ही किसानों की चिंताएं गहरी हो गई हैं। पानी नहीं गिरने के कारण राज्य में अब तक लक्ष्य के मुकाबले केवल 3 से 4 फीसदी ही बुआई हो सकी है। इस साल सरकार ने 48.69 लाख हेक्टेयर में खरीफ फसलों की बोनी का लक्ष्य रखा है। कम बारिश के संकट को देखते हुए राज्य सरकार ने सूखे से निपटने के लिए अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं।

कृषि विभाग ने किसानों को कम अवधि में पकने वाली धान की किस्मों को प्राथमिकता देने की सलाह दी है। इसके साथ ही धान के बदले मक्का, कोदो, कुटकी, रागी जैसी कम पानी वाली फसलों और दलहन-तिलहन को अंतरवर्तीय (इंटरक्रॉपिंग) फसल के रूप में लगाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। सरकार ने राज्य बीज निगम को 4.95 लाख क्विंटल प्रमाणित बीज सुरक्षित रखने और बीमा कंपनियों के साथ समन्वय बनाकर फसल नुकसान की भरपाई का प्रभावी प्लान तैयार करने के निर्देश दिए हैं।